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बच्चा पैदा करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने कैदी को दी छुट्टी, कहा-संबंध स्थापित करना एक अधिकार

Thu, 25 Jan 2018 09:17 PM IST
एजेंसी, मदुरई
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मद्रास हाईकोर्ट
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बच्चे की देखभाल के लिए पिता को छुट्टी मिलना तो आम बात है मगर तमिलनाडु के एक कैदी को मद्रास हाईकोर्ट ने बच्चा पैदा करने के लिए छुट्टी दे दी है। तिरुनलवेली जिले के केंद्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे 40 वर्षीय सिद्दीकी अली को अपना परिवार बढ़ाने के लिए यह छुट्टी मिली है।

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न्यायाधीश एस विमला देवी और जस्टिस टी कृष्ण वल्ली की खंडपीठ ने पलयमकोट्टई केंद्रीय कारागार के कैदी सिद्दीकी अली की 32 वर्षीय पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर उसे दो सप्ताह की अस्थायी छुट्टी दे दी।

पीठ ने कहा कि वक्त आ गया है कि सरकार को एक समिति का गठन कर कैदियों को साथी के साथ रहने और संबंध बनाने की मंजूरी देने पर विचार करना चाहिए। उसने कहा कि कुछ देशों में कैदियों के दाम्पत्य अधिकार को मान्यता दी गई है। अगर कैदियों की संख्या अत्यधिक है तो सरकार को ऐसी समस्याओं के समाधान तलाशने चाहिए।
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मौजूदा मामले में अदालत ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि कैदी परिवार बढ़ा सकता है। रिहा होने के बाद चिकित्सीय जांच के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त छुट्टी पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने जेल अधिकारियों को इस संबंध में प्रक्रिया का पालन करने और कैदी के जेल से बाहर रहने के दौरान उसे सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

संबंध स्थापित करना अधिकार
पीठ ने कहा कि केंद्र ने पहले ही एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है कि संबंध स्थापित करना एक अधिकार है ना कि विशेषाधिकार तथा कैदियों को अपनी इच्छा पूरी करने का अधिकार है। दाम्पत्य संबंधों से परिवार के साथ रिश्ते कायम रखने में मदद मिलती है, आपराधिक प्रवृत्ति कम होती है और प्रेरणा मिलती है। कैदियों में सुधार न्याय में दी गई सुधार व्यवस्था का हिस्सा है।

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