मद्रास हाईकोर्ट ने विमान दुर्घटनाओं पर मीडिया रिपोर्टिंग के नियम तय करने वाली याचिका खारिज की
मद्रास हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें मांग की गई थी कि अधिकारियों को यह निर्देश दिया जाए कि वे विमान हादसों पर मीडिया में रिपोर्टिंग के लिए नियम बनाएं और लागू करें। इसका मकसद यह था कि जब तक आधिकारिक जांच पूरी न हो जाए, तब तक कोई भी अनुमान या बिना पुष्टि के बयान न दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन की पीठ ने यह जनहित याचिका खारिज कर दी, जो वकील एम प्रवीण ने दायर की थी। प्रवीण ने अपनी याचिका में कहा था कि अक्सर विमान हादसों के बाद समाचार चैनल, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना किसी पुष्टि के ऐसी खबरें चला देते हैं, जो पायलटों को पहले से ही दोषी ठहरा देती हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पायलट की प्रतिष्ठा और करियर को नुकसान होता है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने 12 जून 2025 में अहमदाबाद विमान दुर्घटना का उदाहरण दिया, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना की जांच पूरी होने से पहले ही मीडिया में पायलट को दोषी बताया जाने लगा।