मद्रास हाईकोर्ट ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की निंदा की है। अदालत ने महिलाओं को यौन अपराधों से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को उन्हें गैजेट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा है।
जस्टिस एन. किरुबाकरन ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध हर साल बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस प्रकार के घृणित अपराधों पर रोकने के लिए तुरंत उपाय करने की वकालत की। जस्टिस ने सरकारों से महिलाओं को गैजेट उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
जस्टिस किरुबाकरन ने मानसिक रूप से विक्षिप्त 60 वर्षीय महिला के साथ रेप और हत्या करने के मामले में आरोपी दो लोगों जमानत याचिका खारिज की।
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साथ ही उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न निजता, गरिमा और सम्मान का उल्लंघन है। यह कभी न मिटने वाले जख्म के साथ ही अभागी पीड़ित के मन को निरंतर पीड़ा देता रहता है। अदालत ने इस मामले में सरकार से 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है।