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मासूमों से हो रही ज्यादती के मामले में मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर, छह माह में 2,389 केस हुए दर्ज

Tue, 16 Jul 2019 10:30 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाईल फोटो) - फोटो : social media
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आए दिन बच्चों से हो रही ज्यादती के मामले और उनके शोषण की खबरें बढ़ती जा रही है। इस बात का संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने बच्चों से ज्यादती के कुल मामले और इस प्रकार के कितने मामले कितने समय से अदालतों में लंबित हैं, इसका जिलेवार ब्योरा मांगा है। उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री को सभी उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार से यह डेटा जुटाकर 10 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। 

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कोर्ट ने पहले छह महीने का डेटा मांगा था। सोमवार को उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वर्ष 2018 में बच्चों से ज्यादती के मामलों का पूरा विवरण पेश करने के निर्देश दिए। विश्लेषण के बाद न्यायालय इन मामलों को निपटाने के लिए राज्यों को दिशा-निर्देश जारी करेगा। 
 

वरिष्ठ वकील वी. गिरी ने सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया कि इस साल 1 जनवरी से 30 जून तक देश में बच्चों से दुष्कर्म व यौन शोषण के 24,212 मामले सामने आए हैं। सबसे बुरे हालात उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के हैं। उत्तरप्रदेश में इस दौरान सबसे अधिक 3,457 मामले दर्ज हुए, जबकि 2,389 मामलों के साथ मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर रहा। 

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