राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (नसीआरबी) के मुताबिक मध्यप्रदेश एक बार फिर बलात्कार जैसे मामलों में देश के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर दर्ज किया गया है। साल 2017 में महिलाओं के साथ 4,882 रेप के मामले सामने आए हैं। वहीं इस मामले में पिछले साल (2016) में भी राज्य सबसे ज्यादा रेप के केस हुए थे।
पिछले दिनों क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गई। अगर हिसाब लगाया जाए तो राज्य में हर दिन बलात्कार के 13 मामले होते हैं। जाहिर है, राज्य सरकार के लिए यह आंकड़ा हर लिहाज से शर्मनाक है। इस संख्या में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 4,882 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज हुई, जबकि इस मामले में उत्तर प्रदेश में 4,816 और महाराष्ट्र में 4,189 की संख्या के साथ देश में दूसरे और तीसरे राज्य के तौर पर दर्ज किए गए।
यही नहीं नाबालिग बच्चियों के साथ होने वाली बलात्कार की घटनाओं में भी मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर रहा। आपको बता दें कि आबादी के लिहाज से मध्यप्रदेश देश में 5वें स्थान पर है।
मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पर 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप के मामले में दोषी पाए जाने पर गुनहगारों को मौत की सजा दी जाएगी। दरअसल, पिछले साल दिसंबर महीने में मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट में एक प्रस्ताव पास किया गया। जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार करने के दोषी को मौत की सजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही गैंगरेप वाले मामले में सजा और जुर्माना दोनों ही लागू होगा।
विधेयक में 12 साल तक की बच्ची से रेप या गैंगरेप के दोषी को फांसी की सजा के प्रावधान के साथ और भी चीजें जोड़ी गई हैं। मसलन, शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाने के मामलों में तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है। महिला को निर्वस्त्र करने के मकसद से छेड़छाड़ करने पर एक लाख रुपये के अर्थ दंड को शामिल किया गया है। इतना ही नहीं ऐसे मामलों में लोक अभियोजक का पक्ष सुने बगैर जमानत का लाभ भी नहीं दिया जा सकेगा।