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एक शादी जिसमें मिलेगी सिर्फ चाय

Wed, 30 Nov 2016 12:50 PM IST
बीबीसी
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भारत में शादियों को लेकर एक तय सी परिपाटी है जिसमें शहनाई, सजावट, मेहमानों की चहल-पहल और दावतें अनिवार्य सा हिस्सा है। कई बार शादियां भव्यता और हैसियत जाहिर करने का पैमाना भी बन जाती हैं।
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केंद्र सरकार के नोटबंदी फैसले के बाद कर्नाटक के कारोबारी और पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी की बेटी की शादी का समारोह पांच दिन तक चला। मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि इस शादी में करोड़ों रुपये खर्च हुए।

मध्य प्रदेश के भिंड में दो आईएएस अधिकारियों आशीष वशिष्ठ और सलोनी की शादी की चर्चा भी इसी वजह से हो रही है। कहा जा रहा है कि इस शादी में कोई खर्च हुआ ही नहीं।
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आशीष और सलोनी एक ही बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने कोर्ट में शादी का फैसला करके बेवजह के तामझाम से दूर रहने का इरादा बनाया।
आशीष कहते हैं "खर्च इसलिए नहीं हुआ कि हमने कोर्ट में शादी की है। मैं यहां नौकरी कर रहा हूं। एसडीएम हूं। हम लोग यहां पर आए। कोर्ट में गए और शादी कर ली। तो खर्च कैसे होगा?"

पीएम मोदी ने 'मन की बात' में भी इस शादी का जिक्र किया था

आशीष की पत्नी सलोनी आंध्र प्रदेश कैडर की अधिकारी हैं। आशीष का कहना है कि उनका इरादा नोटबंदी या किसी और मुद्दे पर कोई संदेश देने का नहीं था। वो व्यस्तता की वजह से शादी के लंबे कार्यक्रम के पक्ष में नहीं थे।

वो कहते हैं, "ऐसी कोई योजना नहीं थी कि किसी को कोई संदेश देना है। हम इतने व्यस्त हैं कि चार-छह दिन का समय निकालना मुश्किल होता है। हमें ये अच्छा विकल्प लगा। हमने किया और इससे अगर कोई संदेश जाता है तो अच्छा ही है।" इन दो आईएएस अधिकारियों की इस सादगी भरी शादी का जिक्र मध्य प्रदेश के बाहर भी हो रहा है।

इसके पहले 17 नवंबर को सूरत में हुई एक शादी में आए मेहमानों को सिर्फ चाय परोसी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी इस शादी का जिक्र किया था।
नरेंद्र मोदी ने कहा था, "गुजरात में सूरत में एक बेटी ने अपने यहां शादी में जो लोग आए, उनको सिर्फ चाय पिलाई और कोई जलसा नहीं किया क्योंकि नोटबंदी के कारण कुछ कठिनाई आई थी। बारातियों ने भी उसे इतना ही सम्मान माना।"
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शादी के लिए होटल की बुकिंग रद्द कर दी गई है

प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत के भरम मारू और दक्षा परमार ने अपनी शादी के माध्यम से भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई में जो योगदान किया है, वो प्रेरक है। सूरत की इस शादी ने झारखंड के हजारीबाग के कारोबारी रवि शर्मा को नई दिशा दिखाई है।

स्थानीय पत्रकार रवि प्रकाश के मुताबिक रवि शर्मा आगामी 3 दिसंबर को होने वाली अपने बेटे सौरव शर्मा की शादी में अतिथियों को सिर्फ चाय पिलाने के इरादे में हैं। शादी के लिए होटल की बुकिंग रद्द कर दी गई है और साईं मंदिर में आयोजन तय किया गया है। शादी में शहनाई जरूर बजेगी लेकिन रस्में सादगी के साथ पूरी होंगी। नोटबंदी का ये दौर भारत में होने वाली शादियों की सूरत में भी कहीं न कहीं कुछ तो बदलाव ला ही रहा है।
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