हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार माधवी लता ने कथित तौर पर मस्जिद की ओर तीर चलाने वाले मामले में दर्ज हुई एफआईआर पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि अगर मैं मुसलमानों के खिलाफ होतीं तो वे रमजान के पवित्र महीने में निकलने वाले हज़रत अली साहब के जुलूस में क्यों शामिल होती? वे क्यों अपने ही हाथों से उन्हें खाना बाटंती? यह हास्यास्पद है। लोग मुझे निशाना बनाना चाहते हैं। रजत शर्मा को दिए गए साक्षात्कार के बाद से यह लोग मुझसे घबराए हुए हैं।
शेख इमरान ने दर्ज कराई एफआईआर
दरअसल, माधवी लता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लता कथित रूप से हैदराबाद की एक मस्जिद की ओर बाण चलाने का एक्शन कर रही हैं। वायरल वीडियो रामनवमी जुलूस का है। विवादित वीडियो पर हैदराबाद के फर्स्ट लांसर के रहने वाले शेख इमरान ने माधवी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इमरान ने बेगम बाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और मामले को चुनाव आयोग तक भी ले गए हैं।
वीडियो को प्रसारित कर नकारत्मकता फैलाई जा रही है
माधवी ने कहा कि रामनवमी का अवसर था। मेरे पास कोई धनुष नहीं था। मेरे पास कोई बाण नहीं था। उन्होंने झूठा वीडियो बनाया और एफआईआर दर्ज कराई। एक साथी ने कहा कि मैंने मुस्लिमों को भड़काया है। मैंने सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश की। यह एक त्योहार का मौका था। मैं सड़क पार कर रही थी। आप मेरा या वहां मौजूद किसी का भी वीडियो देख लीजिए, किसी भी फ्रेम में मस्जिद नहीं है। वीडियो को प्रसारित कर नकारत्मकता फैलाई जा रही है। मैं स्पष्ट करती हूं कि वह एक अधूरा वीडियो है।
असदुद्दीन ओवैसी भड़काऊ भाषण देने में माहिर
इससे पहले, उन्होंने कहा था कि वीडियो रामनवमी का है। हम राम बाण से हमारे अराध्य भगवान राम की पूजा करते हैं। हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। इसमें मस्जिद कहां से आ गई। असदुद्दीन ओवैसी भड़काऊ भाषण देने में माहिर हैं वे अब भड़काऊ वीडियो बना रहे हैं। पीएम मोदी, हिंदू मुस्लिम, सिख और ईसाइयों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।