भारतीय रेल की पटरियों पर भले ही मेक इन इंडिया ट्रेन अभी नहीं उतरी है लेकिन पड़ोसी देश इन ट्रेनों को लेकर काफी उत्साहित हैं। श्रीलंका ने भारत से आधा दर्जन डीईएमयू ट्रेन सेट की मांग की है।
बांग्लादेश और म्यांमार ने भी भारत से ट्रेन कोच और इंजन की मांग की है। श्रीलंका को निर्यात किए जाने वाले ट्रेन सेटों को चेन्नई रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। रेलवे बांग्लादेश को 120 एलएचबी कोच और म्यंमार को 18 मीटर गेज रेल इंजन भी देगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार श्रीलंका को निर्यात किए जाने वाले छह ट्रेन सेट में कुल 78 कोच होंगे। प्रत्येक ट्रेन सेट में 13 कोच लगेंगे। ट्रेन सेट आधुनिक सुविधाओं के साथ ही बेहतर सस्पेंशन और इंटीरियर से युक्त होगा। भारत सरकार लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत बांग्लादेश, म्यांमार, अंगोला, सूडान, सेनेगल, माली और श्रीलंका को इस तरह की सुविधा प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि नवंबर तक हाई स्पीड ट्रेनसेट भारतीय ट्रैक पर उतरेगी। रेल कोच फैक्ट्री ने सितंबर तक इस ट्रेन को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। बिना इंजन के ही ट्रैक पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से यह ट्रेन दौड़ेगी। भारत में चलने वाली यह ट्रेन 16 कोच वाली होगी। इस ट्रेन में दो एग्जिक्यूटिव क्लास होंगे। एक ट्रेन सेट के सवारी डिब्बों की लागत करीब 6 करोड़ रुपये है।