अच्छे मानसून के अनुमान के बाद एक और अच्छी खबर है कि इस बार जून में मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) भी पूरे देश में अच्छी बारिश लेकर आएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा खरीफ की बुआई करने वाले किसानों को मिलेगा। खरीफ की फसलों में शामिल धान, गन्ना, मक्का, दाल, ज्वार, बाजरा की बुआई में पानी की काफी जरूरत होती है। बारिश नहीं होने पर किसानों को पानी के वैकल्पिक साधनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, जिसमें अच्छी बारिश से कुछ कमी आएगी।
जून में हिंद महासागर पर सक्रिय होगा एमजेओ
111 फीसदी बारिश का जताया गया है अनुमान
दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरे भारत के लिए बहुत अहमियत रखता है। समुद्र में होने वाली कुछ मौसमी घटनाएं दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए जिम्मेदार होती हैं। समुद्र में होने वाली इन घटनाओं में अलनीनो और ला-नीना हैं। मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के बनने में अहम भूमिका निभाता है।