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MACT: पुणे में मारे गए कारोबारी को 64.7 लाख रुपये का मुआवजा, 2022 में सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत

Mon, 30 Mar 2026 11:52 AM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

एमएसीटी ने 2022 में पुणे के व्यवसायी युवराज जगताप की सड़क दुर्घटना में मौत पर उनके परिवार को 64.75 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। न्यायाधिकरण ने चालक की लापरवाही मानते हुए बीमा कंपनी और मालिक को भुगतान का निर्देश दिया।

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सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले पुणे के एक व्यवसायी के परिवार को 64.75 लाख रुपये का मुआवजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने साल 2022 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले पुणे के एक व्यवसायी के परिवार को 64.75 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। एमएसीटी सदस्य आरवी मोहिते ने 25 मार्च को दिए आदेश में दोषी मोटरसाइकिल मालिक और ठाणे स्थित बीमाकर्ता को नौ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ संयुक्त रूप से मुआवजा देने का निर्देश दिया। पीड़ित, युवराज भगवान जगताप, 42 वर्ष के थे और पुणे में ऑटोमोबाइल सर्विसिंग का कारोबार करते थे। 

कैसे हुई दुर्घटना? 

24 नवंबर, 2022 को पुणे जिले के चिंचवड़ के पास सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आईं और 13 दिसंबर, 2022 को उनका निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और माता-पिता हैं, जिन्होंने यह दावा दायर किया था। परिवार ने शुरू में दो करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया था, लेकिन वित्तीय संकट के कारण याचिका में अपनी मांग को एक लाख रुपये तक सीमित कर दिया। हालांकि, न्यायाधिकरण ने गणना के बाद "उचित मुआवजा" प्रदान किया। बीमा कंपनी ने दावे का विरोध करते हुए मृतक की लापरवाही और चालक के पास वैध लाइसेंस न होने का आरोप लगाया। न्यायाधिकरण ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर एमएसीटी ने कहा कि पीड़ित सावधानी से चल रहा था। मोटरसाइकिल अत्यधिक गति से आई और यातायात पर ध्यान दिए बिना मृतक से टकरा गई।

लापरवाही और आय का आकलन के बाद मुआवजा

एमएसीटी ने इसे मोटरसाइकिल चालक की "लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाना" बताया। न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। मुआवजे की राशि तय करते समय, न्यायाधिकरण ने जगताप की अनुमानित मासिक आय 35,000 रुपये आंकी।

मुआवजे का वितरण और भविष्य की सुरक्षा

64.75 लाख रुपये के कुल मुआवजे में भविष्य की आय, संभावनाओं और चिकित्सा खर्चों के नुकसान के घटक शामिल हैं। न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि मुआवजे का एक बड़ा हिस्सा मृतक की पत्नी और दो बच्चों के नाम पर सावधि जमा में रखा जाए। यह उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। मोटरसाइकिल मालिक न्यायाधिकरण के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जिसके कारण उसके खिलाफ एकतरफा निर्णय लिया गया।

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