पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की आधार डिटेल लीक होने पर उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने केंद्र सरकार के घेरा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार की ओर से एक्शन लिया गया है। यूआईडीएआई ने ऐसा करने वाले सेंटर को 10 साल के बैन कर दिया है। यूआईडीएआई की ओर से कहा गया है कि इस एक्शन के बावजूद मामले की गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, आईटी मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाले एक ट्विटर हैंडल से महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी के 'आधार' से जुड़े फॉर्म की जानकारी ट्वीट कर दी गई।
VLE of @CSCegov_ delivers #Aadhaar service to @msdhoni. Legendary cricketer's #Digital hook (shot). pic.twitter.com/Xe62Ta63An
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) March 28, 2017
बताते चलें कि आईटी मिनिस्ट्री से जुड़े लोग मंगलवार को धोनी के घर जाकर उनका 'आधार' अपडेट कर रहे थे। इस दौरान उनकी फोटो सहित 'आधार' का प्रचार मिनिस्ट्री के ट्विटर हैंडल से कर दिया गया। एक दूसरे ट्वीट में धोनी के फॉर्म की फोटो भी पोस्ट कर दी गई, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी थी। इतना ही नहीं इसे रविशंकर प्रसाद ने रीट्वीट कर दिया।
इस मामले की जानकारी होने पर साक्षी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को ट्वीट करके पूछा कि प्राइवेसी नाम की कोई चीज भी होती है क्या? इसके जवाब में रविशंकर प्रसाद ने कहा, क्या यह ट्वीट व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा करता है? साक्षी ने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि फॉर्म में उनकी पूरी व्यक्तिगत जानकारी लीक हो गई।
@rsprasad @CSCegov_ is there any privacy left ??? Information of adhaar card including application is made public property!#disappointed
— Sakshi Singh 🇮🇳❤️ (@SaakshiSRawat) March 28, 2017
साक्षी के रिप्लाई के जवाब में रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट करके कहा, सूचना संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद। किसी की भी व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक करना गलत है। संबंधित के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
@SaakshiSRawat Thanks for bringing this to my notice. Sharing personal information is illegal. Serious action will be taken against this.
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) March 28, 2017