विज्ञान के अनुसार पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है जबकि चंद्रमा पृथ्वी के चारो ओर घूमती है। पृथ्वी और चंद्रमा घूमते-घूमते एक समय पर ऐसे स्थान पर आ जाते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक सीध में रहते हैं। जब पृथ्वी धूमते-धूमते सूर्य व चंद्रमा के बीच में आ जाती है। चंद्रमा की इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है इसे चंद्र ग्रहण कहते है। वहीं जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाती है और वह सूर्य को ढ़क लेता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते है।
सूतक का समय
चन्द्र ग्रहण होने की स्थिति में ग्रहण प्रारंभ होने से 9 घंटे पहले सूतक होता है। सूतक को अशुभ माना जाता है। 16 जुलाई की शाम को 4:31 शुरू हो जाएगा और ग्रहण के साथ ही खत्म हो जाएगा। शुभ काम सूतक काल से पहले ही कर लेने चाहिए।