खगोल विज्ञान प्रेमी व विशेषज्ञ मंगलवार देर रात आंशिक चंद्रग्रहण का नजारा देख सकेंगे। करीब तीन घंटे चलने वाली इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी, चंद्र और सूर्य के मध्य में होगी। यह चंद्रग्रहण बुधवार को 01:31 बजे शुरू होगा और 04:29 बजे तक चलेगा।
एमपी बिड़ला नक्षत्रशाला के अकादमिक निदेशक देबी प्रसाद दुआरी ने बताया कि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि भारत में नजर आने योग्य अगला चंद्रग्रहण 26 मई 2021 में होगा।
इस बार चंद्रग्रहण पूरे देश में कहीं से भी देखा जा सकेगा। रात में होने की वजह से इसे देखना आसान होगा, हालांकि बादलों के बने रहने पर अवसर हाथ से निकल सकता है। केवल पूर्णिमा को ही चंद्रग्रहण होता है। सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं और इस दौरान पृथ्वी के साये से चंद्र गुजरता है।
सुबह 03:01 बजे सबसे बढ़िया मौका
पृथ्वी की छाया चंद्रमा के 65 प्रतिशत हिस्से पर सुबह 03.01 बजे पड़ रही होगी। इस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्र एक सीधी रेखा में होंगे। यह चंद्रग्रहण को देखने का सबसे बढ़िया मौका होगा।
पूरी तरह सुरक्षित
देबी प्रसाद के अनुसार चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसे देखने के लिए दूरबीन की जरूरत नहीं होगी। हालांकि दूरबीन से इसे और शानदार तरीके से देखा जा सकता है।