देशभर में एलपीजी गैस की कमी वाली खबरों को लेकर सियासत तेज है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच इस मामले की गूंज शुक्रवार को संसद तक सुनाई दी। ऐसे में अब इन खबरों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के बयान के अनुसार पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन ऐसा लगता है कि एलपीजी की सप्लाई में कुछ कमी हो रही है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि इस कमी का ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी में कमी के चलते खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग अब लकड़ी और कोयले की जगह गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में अगर सिलेंडर आसानी से नहीं मिलते, तो यह लोगों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। इस दौरान थरूर ने देशवासियों को एकजुट रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश को एकजुट होकर इस समस्या का जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
ये भी पढ़ें:- 'महिलाओं को कोई काम नहीं देगा': पीरियड्स लीव पर CJI की टिप्पणी, अनिवार्य छुट्टी की याचिका पर सुनवाई से इनकार
ईरान भी पूरी तरह निर्दोष नहीं- थरूर
एलपीजी की कमी वाली खबरों के बाद थरूर ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमला करना गलत था। उनके मुताबिक उस समय बातचीत चल रही थी और ईरान कई मांगों को मानने के लिए तैयार दिखाई दे रहा था, इसलिए ऐसे समय में हमला उचित नहीं था।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान भी पूरी तरह निर्दोष नहीं है, क्योंकि उसने ऐसे देशों पर हमले किए जो इस युद्ध का हिस्सा नहीं हैं, जिससे निर्दोष लोग प्रभावित हुए हैं। थरूर ने बताया कि इस संघर्ष में दो-तीन भारतीय नागरिकों की भी मौत हुई है, जबकि उनका इस युद्ध से कोई संबंध नहीं था।
ये भी पढ़ें:- West Asia Crisis: ईरान को अमेरिका की खुली धमकी, डोनाल्ड ट्रंप बोले- आज देखना इन पागलों का क्या हाल होता है
भारत की भूमिका पर क्या बोले थरूर?
उन्होंने यह भी कहा कि एक थाई झंडे वाले टैंकर पर भी हमला हुआ है। ऐसे हालात में भारत को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। थरूर ने बताया कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं। उनके अनुसार भारत को सिर्फ चुपचाप देखने के बजाय सक्रिय कूटनीतिक प्रयास करने चाहिए ताकि हालात को संभाला जा सके।