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लव जिहाद: हादिया बोलीं- मैंने कोर्ट से मांगी थी आजादी, अब भी मैं कैद में

Wed, 29 Nov 2017 12:32 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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- फोटो : ANI
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केरल की लव जिहाद मामले में हर दिन नया मोड़ आ रहा है। पिछले दिनों अखिला  उर्फ हदिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उसे आजादी चाहिए और वो पति के साथ रहना चाहती है। लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे पढ़ाई पूरी करने के लिए सलेम (तमिलनाडु) भेजने का आदेश दिया था।
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हादिया ने  बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि मैंने कोर्ट से आजादी मांगी थी, मैं अपने पति से मिलना चाहती थी लेकिन सच्चाई ये है कि मैं आज भी जेल वाली जिंदगी ही बिता रही हूं, न तो आजाद हुई हूं और न ही मेरी मेरे पति से मुलाकात हो सकी  है।

पढ़ें:  केरल लव जिहादः पिता का बड़ा खुलासा, इस्लाम कबूल करने के बाद सीरिया जाना चाहती है हादिया

उसने कहा कि मैं सिर्फ वो हक चाहती हूं जो एक आम इंसान का हक है जो हर भारतीय को मिला है। मेरी किसी भी बात का राजनीति और जाति से कोई लेना देना नहीं है। हादिया ने आगे कहा कि मैं चाहती हूं कि जो लोग मुझे पसंद है मैं उनसे मिल सकूं और बात कर सकूं। 
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  I asked for freedom from court. I wanted to meet my husband but the fact is that I’m not free till now and that’s the truth: Hadiya pic.twitter.com/hdYXdAFkAn — ANI (@ANI) November 29, 2017


  I am demanding basic rights that every Indian citizen has. It has nothing to do with politics or caste. All I want is to talk to people I like: Hadiya pic.twitter.com/8ZiYeaoubQ — ANI (@ANI) November 29, 2017

पति के खर्चे पर पढ़ाई करने की इच्छा जताई 

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाआ करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने केरल पुलिस को हादिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा था कि उसे जल्द सलेम पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। होम्योपैथिक कॉलेज के डीन को हादिया का अभिभावक नियुक्त करते हुए पीठ ने उसकी किसी भी समस्या को सुलझाने की भी छूट दी है।

पीठ ने कॉलेज और विश्वविद्यालय को भी निर्देश दिया था कि हादिया का फिर से दाखिला कराया जाए और उसे हॉस्टल सुविधा दी जाए। इस दौरान उसकी सुरक्षा का जिम्मा तमिलनाडु सरकार उठाएगी और एक महिला सुरक्षाकर्मी भी हर वक्त उसके साथ रहेगी। पीठ में जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी हैं। हादिया पिछले कुछ सप्ताह से अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। 

दो घंटे चली सुनवाई में हादिया ने कहा था कि वह अपने पति शफीन जहां के साथ रहना चाहती है। केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली इस याचिका पर शीर्ष अदालत में अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते में होनी है। केरल हाईकोर्ट ने हादिया की शादी को लव जिहाद करार देते हुए इसे निरस्त कर दिया था जिसे उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

पति के खर्चे पर पढ़ाई करने की इच्छा जताई 
हादिया ने पति के खर्चे पर पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई। मुख्य न्यायाधीश ने जब हादिया से पूछा कि क्या आप सरकारी खर्चे पर पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं तो हादिया ने कहा कि मेरे पति मेरा ख्याल रख सकते हैं।
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एक और पिता ने डाली याचिका

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण है महिला की राय क्योंकि वह वयस्क है और अपनी मर्जी से किसी से भी शादी कर सकती है। इसके मद्देनजर अदालत ने उसे 27 नवंबर को पेश करने का आदेश दिया ताकि उसकी मानसिक अवस्था का अंदाजा लगाया जा सके।

एक और पिता ने डाली याचिका
हादिया मामले की सुनवाई चल ही रही थी कि अक्तूबर में केरल के एक और पिता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी को अफगानिस्तान में आईएस को सौंपने के लिए जबरिया धर्म परिवर्तन कराया गया है।

नवंबर की शुरुआत में महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने हादिया से मुलाकात के बाद बताया कि वह बिल्कुल स्वस्थ और प्रसन्न है। उसके साथ मारपीट की खबरें बेबुनियाद है और उसकी सुरक्षा को लेकर कोई खतरा भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले हादिया ने मीडिया को बताया था कि उसने अपनी मर्जी से शफीन जहां से शादी की है और वह उसके साथ ही रहना चाहती है।

 
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