गुजरात में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। जिस मां गोद लिया था उसकी ही हत्या कर फिर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उन्हें एक नोट मिला है जिसमें लिखा है कि शेयर बाजार में नुकसान होने के बाद वह गंभीर आर्थिक संकट में था।
अधिकारियों ने क्या बताया?
पड़ोसियों को कैसे संदेह हुआ?
पुलिस ने बताया कि पड़ोसियों को तब संदेह हुआ जब शुक्रवार दोपहर तक घर बंद रहा और न तो मां और न ही बेटा बाहर आए, जिसके बाद उन्हें सतर्क किया गया। दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर, एक पड़ोसी ने खिड़की से झांका और भानुबेन को बिस्तर पर लेटा हुआ और जतिन को कमरे के अंदर लटका हुआ पाया। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
सुसाइड नोट से क्या पता चला?
घर का खर्च कैसे चलता था?
पुलिस का मानना है कि उसे व्यापार में भारी नुकसान हुआ है और उसका कुल कर्ज 40 लाख से 50 लाख रुपये के बीच होने का अनुमान है। वहीं, उसकी मां घर चलाने के लिए सिलाई का काम करके पैसे कमाती थी। यह परिवार मूल रूप से भावनगर जिले के गरियाधर तालुका के महेसंका गांव का रहने वाला था और वराछा में किराए के एक पहली मंजिल के फ्लैट में रह रहा था।
जतिन अपने छोटे चाचा त्रिभुवन का जैविक पुत्र था, लेकिन छह महीने की उम्र में उसे उसके निःसंतान बड़े चाचा जगदीश और उनकी पत्नी भानुबेन ने गोद ले लिया था। दोनों शवों को फोरेंसिक पोस्टमार्टम के लिए एसएमआईएमईआर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि भानुबेन की मौत रस्सी, तार या इसी तरह की सामग्री से गला घोंटने के बाद हुई। वहीं, जतिन की मौत फांसी से हुई। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।