भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी पुरी में शुरू हो गई है। इसमें रेलवे की भी अहम भागीदारी है। लकड़ी का रथ बनाने में 40 रेलकर्मी जैक का उपयोग करते हैं। उसमें पहिया लगाते हैं और रथ को रोकने के लिए भी जैक का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ तैयार होता है।
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इन रथों को तैयार करने में दो महीन का समय लगता है। कारीगर रथ का नाप अपनी अंगुलियों से करते हैं। रेल कर्मचारियों की मदद से हाइड्रोलिक जैक से रथ के ढांचे को थामे रखा जाता है। पुरी रेलवे के वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी लिंगराज त्रिपाठी ने बताया कि जगन्नाथ यात्रा के लिए हर वर्ष रथ का निर्माण किया जाता है।
पुरी स्टेशन बनेगा विश्व स्तरीय
भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी का स्टेशन भी विश्वस्तरीय बनेगा। 364 करोड़ रुपये की लागत से पुरी स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा और यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। रेलमंत्री ने स्टेशन का मुआयना करने के बाद कहा कि टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है और अगले दो वर्ष में यह तैयार हो जाएगा।