नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को कहा कि देश में विमानन बाजार तेजी से बढ़ना शुरू हो चुका है। ऐसे में देश स्थानीय स्तर पर ही विमानों के विनिर्माण के लिए साझेदारी के लिए उत्सुक है। द्विवार्षिक ‘एयरो इंडिया शो’ के उद्घाटन पर यहां निवेशकों से रूबरू होते हुए प्रभु ने कहा कि भारत का विमानन बाजार अब तेजी से बढ़ रहा है। अभी तक हमारे पास सीमित हवाई अड्डे और सीमित हवाई संपर्क था। लेकिन अब हमारे पास ज्यादा हवाई अड्डे हैं जिनकी संख्या 103 तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि अगले 15 साल में हम 65 अरब डॉलर के निवेश के साथ 100 और हवाई अड्डे विकसित करेंगे। विमानन मंत्रालय के क्षेत्र को लेकर समग्र रणनीति की चर्चा करते हुए प्रभु ने कहा कि मंत्रालय ने ‘दृष्टिकोण 2040’ पेश किया है और इसे पूरा करने के लिए देश को 2,300 विमानों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हम भारत में विमानों के विनिर्माण के लिए साझेदारी करने के इच्छुक हैं। इसे पूरा करने के लिए हम एक कार्रवाई योजना, दृष्टि और रूपरेखा ला रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने एक हवाई मालवहन नीति पेश की है।