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चीन सीमा पर लंबे समय तक गतिरोध की चुकानी होगी ऊंची आर्थिक कीमत: शरण

Thu, 03 Sep 2020 11:35 PM IST
Rajeev Rai पीटीआई, नई दिल्ली
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india china border disputes - फोटो : पीटीआई
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देश के पूर्व विदेश सचिव श्याम शरण ने बताया कि भारत-चीन सीमा के दोनों ओर दोनों देशों के सैनिकों की भारी तैनाती है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि सर्दियों के मौसम में गतिरोध जारी रहने पर इसकी उच्च आर्थिक कीमत हो सकती है। 

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विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पिछले चार महीने में सीमा पर पैदा हुए हालात इस क्षेत्र में एकतरफा ढंग से यथास्थिति बदलने की चीनी कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है।

समाचार वेबसाइट ‘द वायर’ के लिए करण थापर के साथ एक साक्षात्कार में शरण ने कहा, ‘चीनी पक्ष का कहना है कि सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जैसे और कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा कोई इरादा नहीं लगता है, उदाहरण के लिए कुछ अतिरिक्त क्षेत्रों को खाली करना जो उन्होंने पैंगोंग झील क्षेत्र में कब्जा कर लिया है।'
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शरण ने यह भी कहा, 'मेरी समझ में यह है, अगर यह, उदाहरण के लिए, सर्दियों में जारी रहता है - जो बहुत मुश्किल होगा, क्योंकि यह क्षेत्र सर्दियों के दौरान बहुत ही प्रतिकूल है - गर्म रहने वाली इकाइयों व सर्दियों के दौरान उपयोग के लिए पर्याप्त उपकरण की सुनिश्चितता के लिए काफी निवेश की आवश्यकता होगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होने जा रहा है, तो मुझे लगता है कि उनके बीच काफी लंबे समय तक गतिरोध रहेगा।'

उन्होंने कहा कि भारत कई चीनी कंपनियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। उन्होंने कहा कि यह पूछने वाला सवाल है कि क्या इन चीनी कंपनियों का भाग्य क्षेत्रीय मुद्दे के संबंध में उनकी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।

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