टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) ने 2024 की यूनिवर्सिटी इम्पैक्ट रैंकिंग जारी की है। संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के लिहाज से उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रभाव के आधार पर तय की जाने वाली इस रैंकिंग में प्रतिनिधित्व के लिहाज से भारत पहले स्थान पर रहा है।
भारत के 105 संस्थानों ने की थी भागीदारी
टीएचई के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर फिल बैटी ने यह जानकारी देते हुए कहा, टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग 2024 में भारत प्रतिनिधित्व के लिहाज से दुनिया में शीर्ष पर रहा। रैंकिंग में भारत के 105 संस्थानों ने भागीदारी की, जबकि 2019 में यह संख्या केवल 13 थी। भारत के शानदार प्रतिनिधित्व का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी के चलाए गए अंतरराष्ट्रीयकरण अभियान की सफलता को जाता है।
125 देशों के 2 हजार 152 संस्थानों ने प्रतिनिधित्व किया
टीएचई की इम्पैक्ट रैंकिंग को विश्व आर्थिक मंच भी मान्यता देता है। रैंकिंग में शामिल शिक्षण संस्थानों को संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से प्रत्येक के लिए अलग-अलग और सभी 17 लक्ष्यों में योगदान के लिए समग्र रैंकिंग दी जाती है। यह रैंकिंग इस तथ्य को उजागर करने पर जोर देती है कि दुनिया के कौन से उच्च शिक्षा संस्थान मानव सभ्यता के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं। सभी 17 लक्ष्यों पर योगदान के लिहाज से समग्र सूची में तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित अमृता विश्व विद्यापीठम को 81वां स्थान मिला है। 125 देशों के 2,152 संस्थानों ने रैंकिंग में अपना प्रतिनिधित्व दिया है।
शीर्ष पर जेएसएस अकादमी
तीसरे लक्ष्य, अच्छा स्वास्थ्य व खुशहाली में जमीनी स्तर के योगदान के लिहाज से दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में मैसूर स्थित जगद्गुरु श्री शिवरात्रिश्वर (जेएसएस) उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान अकादमी पहले स्थान पर है।
असमानताओं में कमी पर छठा स्थान
असमानताओं में कमी पर काम करने वाले दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में भुवनेश्वर स्थित कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान को छठा स्थान मिला है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शीर्ष 100 में अमृता विश्व विद्यापीठम को तीसरा, लैंगिक समानता में प्रभाव डालने वाले शीर्ष 100 संस्थानों में मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी को 15वां स्थान मिला है।