कैप्टन शाह
वॉर रूम का संचालन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में किया जा रहा है और आईटी सेल के प्रभारी अनिल मालवीय और मीडिया सेल के प्रभारी अनिल बलूनी की इनमें प्रमुख भूमिका है। कई केंद्रीय मंत्रियों और पदाधिकारियों को अलग अलग ज़िम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
यह है वजह
पार्टी के नए मुख्यालय में प्रवेश के बाद ही कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी बीजेपी सरकार नहीं बना पाई और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान में बहुत कम अंतर से चूक गई। उसके बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया जबकि सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और मनोहर परिक्कर को गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ा। इसीलिए पार्टी ने अशोक रोड स्थित कार्यालय को खाली करने की जगह उसमें वॉर रूम बनाने का फैसला किया।
पहले यहां था
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का वॉर रूम गोवा के वरिष्ठ नेता श्रीपद यस्सो नायक के लोदी एस्टेट स्थित आवास पर बनाया गया था जबकि उससे पहले वह अनंत कुमार के आवास पर हुआ करता था। कांग्रेस ने अपना वॉर रूम गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थापित किया है।