प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 125 दिनों में 27 राज्यों में 200 कार्यक्रमों में शरीक हुए हैं। इनमें से सबसे अधिक दिल्ली में 30 कार्यक्रम हुए। इस दौरान उन्होंने 14 कैबिनेट बैठक भी लीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक वेबसाइट पर 25 दिसंबर 2018 से एक मई, 2019 तक का यह लेखा-जोखा देने के साथ ही कार्यक्रमों के महत्व के बारे में भी बताया गया है।
इन कार्यक्रमों के जरिए मोदी की कार्यशैली और विभिन्न कार्यों को साथ करने की कुशलता को दर्शाया गया है। दावा किया गया है कि इनके जरिए मोदी ने हर भारतीय तक अपनी पहुंच बनाई है। इनमें विद्यार्थियों से लेकर वैज्ञानिक, किसान से लेकर उद्यमी, विदेशी प्रतिनिधियों से पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हैं। फरवरी में मोदी ने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख को एक दिन में कवर करते हुए हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट समर्पित किए।
फरवरी में किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजनाओं की घोषणा की। 24 फरवरी को कुंभ में डुबकी लगाई। इसी महीने उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रशक्ति स्मारक का लोकार्पण किया। वहीं जनवरी में पूर्वोत्तर के असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा में आचार संहिता लगने से पहले आधारभूत संरचनाओं का शुभारंभ किया।
150 दिन में पांच बार काशी पहुंचे मोदी
150 दिन में 5 बार वाराणसी गए। यहां उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस, महिला दिवस, नामांकन और रोड शो किया।
मार्च के पहले हफ्ते में अमेठी में राइफल यूनिट शुरू की। 27 मार्च को ए-सैट की सफलता की घोषणा की। जालंधर में नोबल विजेताओं से बातचीत, स्मार्ट इंडिया हैकाथन व सॉफ्टवेयर कंपनियों के प्रमुखों से भी बातचीत की।
15 फरवरी को वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की। इसके अलावा असम में बोगीबील पुल का शुभारंभ किया। जनवरी में वाइब्रेंट गुजरात समिट में आर्थिक एजेंडे की जानकारी दी।
फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पीएम ने सेना को कार्रवाई की छूट दी। एक मई को संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया।
30 जनवरी 2019 को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर नमक सत्याग्रह संग्रहालय व स्मारक का दांडी में शुभारंभ।