अमर उजाला की खबर ने अपना असर दिखाया। सांसद की पीड़ा को लोकसभा सचिवालय ने महसूस किया और रविवार 21 जुलाई को ही सांसदों वीवीआईपी कैंटीन हॉल की कुर्सियों को बदल दिया गया। भारी भरकम कुर्सियों के स्थान पर अच्छी, हल्की और सुविधाजनक कुर्सियां सचिवालय के संयुक्त सचिव के मार्गदर्शन में लगाई गई। सूत्र बताते हैं कि खबर को संज्ञान में लेकर पहल हुई है। जल्द ही कैंटीन का रंग-रोगन, पर्दा, साज-सज्जा और वॉश रूम आदि को भी दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी चाहते हैं कि देश के कोने-कोने से आने वाले जन प्रतिनिधियों को सम्मानजनक संसदीय गरिमा के अनुरुप वातावरण दिया जाए। वीवीआईपी कैंटीन को पहले जैसा शानदार लुक मिले। लोकसभा सचिवालय के अधिकारी अब इसको लेकर काफी संवेदनशील हैं।
बताते हैं कैंटीन को देखने, उसे नए तरीके से तैयार करने, बैठने के स्थान, पर्दे, रंग-रोगन समेत अन्य के लिए निर्देश जारी हो रहे हैं। कैंटीन के फ्लोर पर दो महीने पहले हुई वुडिंग फ्लोरिंग भी ठीक होगी और सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे। समझा जा रहा है कि दो संसद का मौजूदा सत्र दो अगस्त तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसलिए दो अगस्त के बाद ही पीडब्ल्यूडी की देख रेख में मरम्मत फिर से शुरू होगी। ताकि सांसद के अगले सत्र से पहले कैंटीन को अच्छा स्वरुप दिया जा सके।