लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, 72वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर देशवासियो को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं को याद करने का दिन है, जिन के प्रयासों से पहले देश को आजादी मिली और फिर 26 जनवरी, 1950 को देश का संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न गणराज्य के रूप में पुनः उद्भव हुआ।
बिरला ने कहा कि पिछले 70 वर्षों के दौरान जिस एकता और समरसता की भावना से देश ने निरंतर प्रगति की है, उसमे हमारे संविधान का सबसे बड़ा योगदान है। हमारा संविधान सात दशकों के बाद भी समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है और आज भी करोड़ों भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति करने का सशक्त माध्यम है। हमारा संविधान भारतीय सभ्यता और संस्कृति का वह जीवंत दस्तावेज है, जो न्याय की स्थापना करता है और सबके कल्याण का मार्ग दिखाता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन 70 वर्षों में हमारा गणतंत्र परिपक्व हुआ है। हमने सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में बहुत प्रगति की है। लेकिन हमारा लक्ष्य लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण है। यह तभी हो सकता है, जब देश का हर नागरिक संविधान को पढ़े और समझे। अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन को भी प्रतिबद्ध हो।
अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए संकल्प लें
उन्होंने कहा, ''आइए आज हम सब प्रण करें कि संवैधानिक और लोकतान्त्रिक मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण के इस पुनीत यज्ञ में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने को कृतसंकल्पित रहेंगे।''
बिरला ने कहा कि राष्ट्र निर्माण निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इसमें योगदान देना प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है। हमारे सपनों के नए भारत का निर्माण करना देशवासियों की प्रबल महत्वाकांक्षा है और हम सभी को इस दिशा में अथक परिश्रम करना होगा। हमारे युवा वर्ग की प्रतिभा और कठिन परिश्रम तथा हमारे वृद्धजनों की बुद्धिमत्ता और अनुभव के साथ हम निश्चित रूप से एक सुदृढ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
विगत वर्षों के दौरान भी हमने अनेक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। इसके बावजूद, अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इस अवसर पर हमें कड़ संघर्ष के बाद प्राप्त की गई स्वतंत्रता के लिए हमारे देशवासियों के द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदानों का भी स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की कामना करता हूं।