ओम बिरला ने कहा कि सभी सदस्यों को संसद में अपने बात और विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। हम 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास' की भावना से काम कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत में मजबूत लोकतंत्र और जीवंत बहुदलीय प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा है कि सदन में सभी सदस्य अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। बहरीन में अंतर-संसदीय संघ की 146वीं सभा में ‘शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और समावेशी समाज को बढ़ावा देना : असहिष्णुता के विरुद्ध लड़ाई’ विषय पर संबोधन में बिरला ने वैश्विक मुद्दों का बातचीत से समाधान निकालने पर बल दिया।
विज्ञापन
बिरला ने शांति-सद्भाव और न्याय का प्रसार करने वाली वैश्विक संस्थाओं के मजबूत अस्तित्व को न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में त्वरित और व्यापक सुधार पर बल दिया। उन्होंने कहा, भारत ने दुनिया को शांति-सद्भाव का संदेश दिया है। भारत का यह विश्वास है कि समावेशी व सहिष्णु समाज का निर्माण केवल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, आपसी चर्चा और संवाद से ही संभव है।
आगे उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को संसद में अपने बात और विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। हम 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास' की भावना से काम कर रहे हैं।