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नए लोकसभा स्पीकर की सख्ती, सासंदों को आपस में बातचीत करने से टोका

Fri, 21 Jun 2019 05:41 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा अध्यक्ष, ओम बिड़ला - फोटो : PTI
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कुर्सी संभालते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सख्त मिजाज में दिख रहे हैं। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने सदस्यों को संक्षिप्त सवाल पूछने और लंबी पृष्ठभूमि नहीं जोड़ने की कई बार सलाह दी। उन्होंने सदस्यों से बीच-बीच में आपस में बातचीत भी नहीं करने की नसीहत दी। 

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नई लोकसभा में जब कौशल किशोर ने पहला पूरक प्रश्न पूछा तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों की सराहना करनी शुरू कर दी। इस पर बिड़ला ने उनसे सवाल पर सीधे आने और वृक्षारोपण के बारे में पूरक प्रश्न पूछने को कहा। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद जब तीन तलाक संबंधित विधेयक पेश कर रहे थे तो बिड़ला ने सदस्यों से आपस में बातचीत करने से बचने की सलाह दी। इसके बावजूद जब विपक्ष के कुछ सदस्य बातचीत करते रहे तो उन्होंने कहा कि वह ऐसे सदस्यों का नाम लेकर बुलाने को मजबूर हो जाएंगे।

बिड़ला ने पहले कांग्रेस सदस्य शशि थरूर और फिर सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का नाम लेकर उनसे अन्य सदस्यों के साथ बातचीत नहीं करने को कहा। बहरहाल, कुछ सदस्यों को यह बात रास नहीं आई। एक सदस्य ने कहा कि हम निर्वाचित सदस्य हैं। यह भी कहते सुना गया ‘यह प्राथमिक विद्यालय नहीं है। 
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तीन तलाक विधेयक को सदन में पेश किए जाने के विरोध में मत विभाजन की मांग कर रहे एआईएमआईएम के असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि प्रक्रियाओं से सहमति न जताकर आसन नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

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