संसद के दोनों सदनों ने रविवार को कीर्तिमान बनाए। कृषि विधेयकों को लेकर जहां राज्यसभा में अभूतपूर्व हंगामा हुआ, वहीं लोकसभा की कार्यवाही निर्धारित वक्त से करीब छह घंटे अधिक चली। कोरोना महामारी पर लंबी चर्चा के बाद निचले सदन में चार अहम बिलों पर सहमति की मुहर लगी।
राज्यसभा में हंगामे के कारण पहली बार लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई। सदन की कार्यवाही रविवार दोपहर तीन बजे के बदले चार बजे से शुरू हुई और देर रात साढ़े बारह बजे तक चली जबकि कार्यवाही चलने का निर्धारित समय शाम सात बजे तक था। देर रात करीब बारह बजे तक कोरोना महामारी पर हुई चर्चा का स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब दिया। इसके बाद करीब चालीस मिनट में चार अहम बिल पारित किए गए।
जिन बिलों को लोकसभा में मंजूरी मिली उनमें मंत्रियों-सांसदों के वेतन-भत्ते में संशोधन, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और अर्हित वित्तीय संपदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक शामिल हैं। सदन की कार्यवाही जब तीन बजे एक घंटे के लिए स्थगित हुई तब कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसके बदले देर रात तक काम करने का आश्वासन दिया था।
कामकाज का बन रहा रिकॉर्ड
नई लोकसभा के लगभग हर सत्र में तय समय से ज्यादा काम का रिकॉर्ड बना है। हंगामे सहित अन्य कारणों से हुई समय की बर्बादी को तय समय से अधिक वक्त तक काम कर सुधारा जा रहा है। बीते बजट सत्र में संसद की कार्यवाही कई बार आधी रात से अधिक समय तक चली थी।