लोकसभा में शुक्रवार को कराधान बिल पर चर्चा के दौरान अमर्यादित टिप्पणियों से सदन की सारी मर्यादा टूट गई। पूरी चर्चा कोरोना महामारी से निजात के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड पर केंद्रित हो गई और सत्ता पक्ष और विपक्ष ने असंसदीय टिप्पणियों से सदन को शर्मशार कर दिया। एक दूसरे के लिए गधा, डाकू, कल का छोकरा, लुटेरा खानदान जैसे शब्द गूंज उठे। इसके चलते सदन की कार्यवाही चार बार करीब दो घंटे तक बाधित रही।
दरअसल, बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सभी सदस्यों ने पीएम केयर्स फंड पर सवाल उठाए। शशि थरूर, कल्याण बनर्जी, अधीर रंजन चौधरी, सौगत राय ने इसके गठन मेंं कानून का पालन नहीं करने के आरोप लगाए। विपक्ष ने पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया। इसके बाद जब वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के बोलने की बारी आई तो चर्चा पटरी से उतर गई।
सोनिया ही नहीं पूरे खानदान का नाम लूंगा : ठाकुर
अनुराग ने कहा, विपक्ष को मोदी सरकार के हर फैसले पर आपत्ति है। जनधन, नोटबंदी, तीन तलाक, सीएए, जीएसटी सब पर सवाल उठाए। मगर इन्हें कोर्ट और जनता की अदालत से निराशा हाथ लगी। अब पीएम केयर्स फंड के पीछे पड़े हैं। अनुराग ने कहा, नेहरू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष तो बनाया, लेकिन इसे रजिस्टर्ड नहीं कराया। पूरा का पूरा फंड नेहरू-गांधी परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया। इस पर जब अधीर ने सोनिया गांधी का नाम लेने पर आपत्ति जताई, तो अनुराग ने कहा, चर्चा में पूरे खानदान का नाम लूंगा। अनुराग ने कांग्रेस सांसदों को एक परिवार का गुलाम बताया।
ठाकुर के बयान पर अधीर ने खोया आपा
कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी अनुराग के बयान पर आपा खो बैठे। उन्होंने कहा, बिल पर चर्चा सामान्य ढंग से हो रही थी। विपक्ष ने सांविधानिक तरीके से विरोध जताया। यह नहीं कहा कि पीएम मोदी इस फंड के जरिये चोरी कर रहे हैं। चीन से पैसा ले रहे हैं। मगर पता नहीं हिमाचल का कल का छोकरा, हिमाचल का... कहां से आ गया, जिसने पूरा माहौल खराब कर दिया। बाद में असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से निकाल दिया गया।
कल्याण ने साधा स्पीकर पर निशाना
टीएमसी के कल्याण बनर्जी ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा, आप चाहें तो मुझे निलंबित कर सकते हैं, मगर सरकार की ओर से विपक्ष पर असंसदीय तरीके से हो रहे हमले के दौरान चुप रहते हैं। आप भाजपा सदस्यों को कुछ नहीं कहते। यह नहीं चलेगा। मैं ऐसे चलने नहीं दूंगा।
नाराज स्पीकर ने दी सदस्यों को चेतावनी
स्पीकर ने कहा, मैंने सभी पक्षों को समझाया है। सभी पक्षों को खड़े रह कर अपनी बात नहीं रखने की चेतावनी दी। सभी से कहा, ऐसी स्थिति में नाम लेकर उन्हें सदन से बाहर किया जाएगा। इसके बावजूद ऐसे आरोप उचित नहीं हैं। कोई सदस्य अपने मन से सदन चलाने की कोशिश नहीं कर सकता।