लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मोदी लहर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में कोई मोदी लहर नहीं है। सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं के पक्ष में एक लहर है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में कुल 28 लोकसभा सीटों में से 20 सीटें जीतेगी।
मतदान करने के बाद सिद्धारमैया ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "कर्नाटक में कोई मोदी लहर नहीं है। यहां केवल गारंटी की लहर है। कांग्रेस लगभग 20 सीटें जीतने वाली है, क्योंकि हमारी सरकार की योजनाएं बिना किसी मध्यस्थ के जनता तक पहुंची है। हर महीने लोगों के बैंक खातों में पैसा पहुंचा है।" बता दें कि शुक्रवार को कर्नाटक के 14 सीटों पर मतदान हुआ।
जनता का आशीर्वाद कांग्रेस के साथ: सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने भरोसा जताया कि जनता का आशीर्वाद कांग्रेस के साथ है। उन्होंने कहा कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में भी जनता ने कांग्रेस को जीत दिलाई थी। पहले चरण के 14 सीटों में कांग्रेस को कितनी सीटों में जीत मिलेगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा, "फिलहाल, स्पष्ट रूप से इसे नहीं बताया जा सकता है। यह एक सीक्रेट बैलट है, लेकिन हम यहां ज्यादातर सीटें जीतेंगे।"
सवाल का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "हम मैसूर और चामराजनगर की सीटों पर जीत हासिल करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां सिद्धारमैया की कुर्सी दांव पर है, क्योंकि मैसूर और चामराजनगर में जीत जरूरी है।" सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने पिछले दो दिनों में गुलबर्गा और बीदर में मल्लिकार्जुन खरगे के साथ चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कहा, "हम दोनों क्षेत्रों में जीत हासिल करेंगे।"
पीएम मोदी पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर निशाना साधते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि वह (पीएम मोदी) हताश हो चुके हैं। सीएम ने कहा, "उन्होंने जो भाषण दिया, वह किसी भी पीएम का भाषण नहीं था। वह गैर-संविधानिक है। मुझे ऐसा लगता है कि वह हताश हो चुके हैं। उन्हें हारने का डर सता रहा है।"
सिद्धारमैया ने पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भावुक होने पर पूर्व प्रधानमंत्री पर कटाक्ष भी किया। कर्नाटक के सीएम ने कहा "जनता जानती है कि यह सब सच नहीं है, बल्कि सब झूठ है। अगर लोगों का आशीर्वाद मिला तो हम राजनीति में टिके रहेंगे। अगर आशीर्वाद नहीं मिला तो हम राजनीति में नहीं रहेंगे। इसमें आंसू बहाने वाली क्या बात है?"