पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच के बाद सुर्खियों में हैं आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन (फाइल फोटो)
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कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने चुनाव आयोग की उस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है जिसमें उसने कर्नाटक सरकार से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। इसके पहले वह खुद के निलंबन के आयोग के आदेश के खिलाफ कैट गए थे जहां से उन्हें राहत मिली थी।
कैट ने चुनाव आयोग के मोहसिन को निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। हालांकि इस आदेश के बाद आयोग ने उनके निलंबन का आदेश वापस ले लिया लेकिन कर्नाटक सरकार से आईएएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके अलावा उन्हें अगले आदेश तक किसी भी तरह की चुनाव ड्यूटी करने से रोक दिया था।
मोहसिन ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि वह आयोग की सिफारिश के खिलाफ कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने लिखा कि 25 अप्रैल की रात में आयोग ने निलंबन वापस लेने का आदेश जारी किया। साथ ही इसमें कर्नाटक सरकार से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है और उन्हें चुनाव ड्यूटी से दूर रखने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि चूंकि अभी मामला न्यायालय में है, इसलिए वह इस मामले की मेरिट पर बात नहीं करेंगे। आईएएस अधिकारी ने पीएम मोदी की ओडिशा के संबलपुर में रैली के दौरान उनके हेलीकॉप्टर की जांच की थी जिसकी वजह से उन्होंने कुछ देर हुई थी।
चुनाव आयोग ने इसे एसपीजी सुरक्षा हासिल लोगों को मिली छूट के नियम का उल्लंघन करार देते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। इसका कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सख्त विरोध किया था।