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LS Result: इन 5 मुद्दों पर नीतीश-चंद्रबाबू BJP को डाल सकते है मुश्किल में, कैसे हल निकालेंगे PM मोदी-शाह?

राहुल संपाल
Updated Tue, 04 Jun 2024 07:18 PM IST

सार

लोकसभा चुनाव के पहले ही भाजपा ने यह साफ कर दिया था कि मोदी सरकार 3.0 में यूनिफॉर्म सिविल कोड कोर एजेंडे में शामिल होगा। उत्तराखंड में भाजपा सरकार पहले ही इसे लागू कर चुकी है।
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लोकसबा चुनाव नतीजे - फोटो : Amar Ujala


लोकसभा चुनाव के पहले ही भाजपा ने यह साफ कर दिया था कि मोदी सरकार 3.0 में यूनिफॉर्म सिविल कोड कोर एजेंडे में शामिल होगा। उत्तराखंड में भाजपा सरकार पहले ही इसे लागू कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा था कि केंद्र की सत्ता वापस में लौटने के बाद भाजपा प्राथमिकता के साथ इसे आगे बढ़ाएगी। लेकिन अब सहयोगी दल भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू भाजपा पर इस निर्णय को वापस लेने पर दबाव बना सकते है। भाजपा के एजेंडे में वन नेशन, वन इलेक्शन भी शामिल हैं। इस संबंध में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी हैं। 47 राजनीतिक दलों में से 32 दल तैयार हैं। एनडीए गठबंधन में इस बार जदयू और टीडीपी की भूमिका अहम है। ऐसे में वे भाजपा के इस एजेंडे पर भी रोड़ा बन सकते हैं।


इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोदी सरकार 3.0 देशभर में जातिगत जनगणना कराने को लेकर दबाव बना सकते है। क्योंकि बिहार में पिछड़ी जातियों के अलावा दलित और मुस्लिम मतदाताओं का अच्छा खासा प्रभाव है। नीतीश अपने राज्य बिहार में इस जनगणना को करवा चुके है। वे लंबे समय से देश में इसे करवाने की डिमांड कर रहे है। क्योंकि अन्य विपक्षी दल चाहे वह कांग्रेस हो या फिर आरजेडी दोनों ही इस जातिगत जनगणना की मांग कर रही है।


नीतीश कुमार वर्षों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे है। भाजपा में शामिल होने के पहले भी नीतीश ने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। उन्होंने इस मांग को लेकर बिहार में अभियान चलाने की बात भी कही थी। इसके अलावा चंद्रबाबू नायडू भी आंध्र के लिए स्पेशल पैकेज की मांग कर सकते है। ये दोनों नेता अब अपनी इन मांगों को लेकर मोदी सरकार 3.0 पर दबाव बना सकता है।


भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में बिहार के सीएम नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू केंद्र की सरकार में अहम मंत्रालय के लिए दबाव बनाएंगे। 2019 के चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने भाजपा की सरकार में शामिल होने से इंकार कर दिया था। हालांकि बाद में नीतीश की पार्टी से आरसीपी मंत्री बने थे। जबकि राज्यसभा में उपसभापति का पद भी जेडीयू को दिया था। बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में जेडीयू भाजपा से प्रमुख मंत्रालय की डिमांड कर सकते है। इसके अलावा चंद्रबाबू नायडू की पार्टी 18 सांसद चुनाव जीते हैं। वे भी सरकार को समर्थन देने के बदले में अहम मंत्रालय मांग सकते है।
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