क्या आपको मालूम है कि देश में अभी एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार के खिलाफ नाटक का प्रदर्शन करने पर आपको तीन महीने तक की सजा और जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। जी हां, 141 साल पुराने ड्रामैटिक परफार्मेंस एक्ट के तहत सरकार ऐसा कर सकती है, लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा क्योंकि इस जैसे 245 अप्रचलित कानूनों को रद्द करने के लिए लोकसभा ने मंगलवार को दो विधेयक पारित किए हैं।
विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले के कई पुराने और अप्रासंगिक कानून औपनिवेशिक विरासत के दुर्भाग्यपूर्ण अंग हैं और उन्हें रद्द करना प्रगतिशील कदम है। यह सरकार के सुधार समर्थक दृष्टिकोण का प्रमाण है। वे लोकसभा में इन विधेयकों पर बहस का जवाब दे रहे थे। सरकार ने जिन कानूनों को रद्द किया है उनमें हैकनी कैरेज एक्ट, 1879 भी शामिल है जिसके अनुसार बिना लाइसेंस के घोड़ागाड़ी को किराए पर चलाने पर 50 रुपये तक की पेनाल्टी वसूली जा सकती है।
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ऐसे घोड़ागाड़ी के चालक के लिए इस कानून में तमाम शर्तें हैं जिनके उल्लंघन पर वह दंड का भागी हो सकता है। ऐसा ही एक और कानून रद्द किया गया है जिसे गंगा टोल्स एक्ट, 1876 के नाम से जाना जाता है। इसके अनुसार गंगा में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से बिहार के दिनापुर तक नौवहन के रास्ते में रुकावट पैदा करने वालों को एक महीने की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।