लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर जारी बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और खासतौर पर गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज जब कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं, तब देश को यह याद दिलाना जरूरी है कि अतीत में कांग्रेस की सरकारों ने कितनी बड़ी रणनीतिक चूकें की हैं। शाह ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को आतंकवाद और पाकिस्तान पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार तीन पीढ़ियों से चीन प्रेम में लिप्त रहा है। उन्होंने कहा कि जब डोकलाम में भारतीय सेना चीन से आमने-सामने थी, तब राहुल गांधी चीनी राजदूत से गुप्त मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने यह भी पूछा कि राजीव गांधी फाउंडेशन और चीन के बीच क्या समझौता हुआ था। नेहरू पर हमला करते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा परिषद की सदस्यता ठुकराकर चीन को खुश किया।
नेहरू-इंदिरा की रणनीतिक चूकें गिनाईं
शाह ने 1971 की लड़ाई के बाद हुए शिमला समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की ऐतिहासिक जीत थी, लेकिन कांग्रेस ने उस अवसर को गंवा दिया। उन्होंने कहा कि उस समय अगर कांग्रेस ने पाकिस्तान से पीओके मांग लिया होता, तो आज स्थिति अलग होती। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने युद्ध में कब्जे में ली गई 15 हजार वर्ग किलोमीटर ज़मीन भी लौटा दी और पाकिस्तान के 195 युद्धबंदियों को भी बिना मुकदमा चलाए वापस भेज दिया।
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आतंकवाद पर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल
शाह ने बताया कि 2004 में यूपीए सरकार ने सबसे पहले पोटा कानून को रद्द किया, जिसके बाद एक के बाद एक आतंकी हमले हुए। उन्होंने 2005 से लेकर 2011 तक हुए 27 बड़े आतंकी हमलों का ज़िक्र किया, जिनमें लगभग 1000 लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि पोटा हटाकर कांग्रेस ने वोटबैंक की राजनीति की और आतंकियों को बचाने का काम किया।
बटला हाउस पर भी कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने दावा किया कि बटला हाउस एनकाउंटर के बाद सोनिया गांधी ने रोया था, लेकिन उन्हें शहीद हुए पुलिस अधिकारी के लिए नहीं, बल्कि मारे गए आतंकियों के लिए दुख था। उन्होंने कहा कि जब सलमान खुर्शीद सोनिया गांधी से मिलकर रोते हुए निकले, तब उन्होंने यह बात कही थी। शाह ने कहा कि जो आतंकियों के लिए रोते हैं, उन्हें सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है।
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बेसरन हमले के आतंकी मारे गए: शाह
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि बेसरन में हुए आतंकी हमले के दोषी पाकिस्तान भागने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने उन्हें मार गिराया। शाह ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं, अब भारत की सेना और सरकार हर आतंकी को उसके अंजाम तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस बदले हुए भारत की संप्रभुता और संकल्प का प्रतीक है।