सांसद असदुद्दीन ओवैसी को किसी भी कीमत पर भारत माता की जय नहीं बोलने वाले बयान पर लोकसभा में तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा बयान देने वाले ओवैसी को शर्म आनी चाहिए।
इसके बाद भाजपा के सदस्यों ने ओवैसी के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। हालांकि ओवैसी ने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और यह कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है। उन्होंने विरोध कर रहे भाजपा सदस्यों से पूछा कि क्या संविधान में इस आशय का नारा लगाने की अनिवार्यता है।
प्रश्नकाल के बाद जब नायडू आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने पर कांग्रेस के हमले का जवाब दे रहे थे, तभी ओवैसी ने उन्हें टोका। इस पर नायडू ने ओवैसी को उनके बयान की याद दिलाते हुए कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत हमारी जन्म भूमि है। हम सभी को इसकी पूजा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून या संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा, मगर मातृभूमि की पूजा करना देश के नागरिकों का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि यह दुभार्ग्यपूर्ण है कि इस बात पर बहस हो रही है कि मातृभूमि की पूजा की जानी चाहिए या नहीं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की एक रैली में सोमवार को ओवैसी ने कहा था कि कोई उनकी गर्दन पर छुरी भी रख दे तब भी वह भारत माता की जय का नारा नहीं लगाएंगे।
दरअसल ओवैसी ने अपना यह बयान संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के जवाब में दिया था जिसमें उन्होंने जेएनयू के घटनाक्रम का परोक्ष जिक्र करते कहा था कि देश में लोगों को भारत माता जय बोलना सिखाया जाता है।