संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में जबर्दस्त हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस, वाम दलों, जदयू, राजद ने जहां सरकार को कश्मीर में जारी हिंसा, भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने में मिली नाकामी और उत्तराखंड के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश में चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश के मामले में सरकार को घेरने की घोषणा की, वहीं सपा ने महंगाई और किसान के मुद्दे पर सरकार पर हमला करने का संकेत दिया है।
इस बीच समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर सरकार की ओर से कानून आयोग से रिपोर्ट मांगने के फैसले पर भी संसद में तीखी नोंकझोंक हो सकती है।
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने उत्तराखंड और अरुणाचल में राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों को निशाना बना रही है।
उन्होंने पीएम की केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर संबंध की अपील पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने भी राज्यों को कमतर आंकने पर केंद्र पर हमला बोला है। पंजाब में भाजपा सत्ताधारी अकाली दल की सहयोगी पार्टी है।