28 फरवरी से कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरु हो रही है। इस साल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक गुजरात के अहमदाबाद में होगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत ढाई दर्जन से ज्यादा राष्ट्रीय नेता इसमें शामिल होंगे। साथ ही कांग्रेस की सर्वोच्च इकाई की यह पहली बैठक होगी, जिसमें नव नियुक्त महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी भी शामिल होंगी।
लोकसभा चुनाव को लेकर यह बैठक अहम मानी जा रही है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बयान के अनुसार इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में हुई प्रगति पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के लिए क्यों चुना गुजरात?
सवाल है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की शुरुआत गुजरात से ही क्यों। गुजरात के कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से राज्य में कार्यसमिति की बैठक करने का आग्रह किया था। उन्हें उम्मीद है कि ऐसा होने से राज्य में कांग्रेस के समर्थन में माहौल बनेगा।
जहां तक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से आग्रह की बात है, तो राजस्थान और मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी उनके यहां सीडब्ल्यूसी की मीटिंग के लिए आग्रह किया था और दोनों ही राज्यों में कांग्रेस सत्ता में भी है। वहीं, कर्नाटक में भी सीडब्ल्यूसी की मीटिंग के लिए शीर्ष नेतृत्व तक बात पहुंची थी। यहां भी कांग्रेस गठबंधन कर सत्ता में है।
तो फिर सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत गुजरात से ही क्यों? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो इसके पीछे कांग्रेस का उद्देश्य पीएम मोदी के गढ़ में सेंधमारी करना हो सकता है। दरअसल, गुजरात में कुल 26 लोकसभा सीटें हैं। सभी पर भाजपा काबिज है। कांग्रेस इस चुनाव में आठ सीट जीतने की उम्मीद कर रही है।
विधानसभा चुनाव में रहा था शानदार प्रदर्शन
गुजरात विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। राज्य की कुल 182 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 77 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2012 की तुलना में भाजपा को 16 सीटों का नुकसान हुआ था, जबकि कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा हुआ था।
हालांकि कांग्रेस 92 के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई थी और अन्य को मिली तीन सीटें जोड़कर भी वह सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी, लेकिन भाजपा के गढ़ में ऐसे प्रदर्शन पर कांग्रेस काफी उत्साहित थी।