लोकसभा चुनाव के महासंग्राम में इस बार लड़ाई कहीं एनडीए बनाम यूपीए, नरेंद्र मोदी वर्सेस ऑल या भाजपा प्लस बनाम महागठबंधन है। देखा जाए तो महागठबंधन भी देश भर में अलग-थलग है। आम चुनाव में भाजपा के खिलाफ मैदान मारने का दावा करने वाले विपक्षी दल केवल पांच राज्यों बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में एकजुट हैं, जबकि 10 राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ ही हैं। पश्चिम बंगाल इन्हीं 10 राज्यों में से एक है।
बीते 19 जनवरी को कोलकाता के जिस
ब्रिगेड मैदान में ममता बनर्जी के आह्वान पर प्रधानमंत्री और भाजपा के खिलाफ विपक्ष एकजुट हुआ था,
बुधवार को उसी मैदान में पीएम मोदी ममता बनर्जी पर बरसें। वहीं ममताा बनर्जी ने भी एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री को एक्सपायरी बाबू कह डाला।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीनों में जो घटनाक्रम हुए, उन पर गौर किया जाए तो साफ दिखता है कि यहां की राजनीति एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने भर नहीं रही, बल्कि उससे बहुत आगे निकल गई है। राजनेता यहां विरोध की राजनीति करते-करते नफरत की राजनीति पर उतर आए हैं। नफरत की यह राजनीति पश्चिम बंगाल और यहां की जनता को किस ओर लेे जाएगी कहना मुश्किल है।
कोलकाता में ममता बनर्जी के नेतृत्व में महारैली से लेकर सीबीआई बनाम राज्य पुलिस विवाद तक और टीएमसी नेता की हत्या से लेकर भाजपा नेता के बेटी का झूठा अपहरण, नेताओं की राजनीति का अलग ट्रेंड शुरू हो चुका है। इन घटनाओं को जनता किस नजरिए से देख रही है और लोकसभा चुनाव पर इसका कैसा असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में दिखेगा।
बीते वक्त की कुछ राजनीतिक घटनाओं पर एक नजर
- 19 जनवरी: कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्ष की महारैली
- 22 जनवरी: अमित शाह की रैली, पहले हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं थी
- 02 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली, भाजपा को मैदान बदलना पड़ा था
- 03 फरवरी: यूपी के सीएम आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं
- 03 फरवरी: कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर सीबीआई, फिर गिरफ्तारी, धरना
- 05 फरवरी: एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह के हेलीकॉप्टर को अनुमति नहीं
- 05 फरवरी: भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को भी रैली की अनुमति नहीं दी गई
- 06 फरवरी: हेलीकॉप्टर झारखंड में उतार सड़क से पुरुलिया रैली में पहुंचे योगी
- 09 फरवरी: टीएमसी विधायक की हत्या और भाजपा नेता मुकुल रॉय पर आरोप
- 13 फरवरी: भाजपा नेता की बेटी का अपहरण, टीएमसी विधायक की कार पर हमला
विपक्ष की महारैली से पीएम मोदी की रैली तक ताकत प्रदर्शन
19 जनवरी को सीएम ममता बनर्जी के आमंत्रण पर देश की 15 राजनीतिक पार्टियां एक मंच पर जुटीं। कुल 25 नेता एक मंच पर नजर आए और मोदी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंका। रैली का उद्देश्य केंद्र की एनडीए सरकार को हटाने और विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन दिखाना था।
इसके बाद दो फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली हुई। यह रैली उत्तरी 24 परगना के ठाकुरनगर के जिस मैदान में रैली होने वाली थी, वहां स्थानीय टीएमसी नेता ने दूसरे धार्मिक आयोजन के लिए बुक कर रखा था। टीएमसी से जारी खींचतान के बीच भाजपा को आयोजन स्थल बदलना पड़ा और पास के एक मैदान में रैली करानी पड़ी।