भाजपा-शिवसेना में बनी सहमति
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महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटें हैं। एनडीए यहां सत्ता में है। लोकसभा चुनाव 2014 में एनडीए ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा एनसीपी को पांच, जबकि कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं। पिछले ढाई दशक से हिंचकोले खाता रहा भाजपा और शिवसेना का गठबंधन एक बार फिर से हुआ है।
खींचतान और तनातनी के बीच दोनों के बीच सीटों का भी बंटवारा हो चुका है। भाजपा 25 और शिवसेना 23 पर लड़ेगी। इस बंटवारे से दोनों दल ने राहत की सांस ली है, लेकिन एनडीए में शामिल आरपीआई को एक भी सीट नहीं दिए जाने से केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले नाराज चल रहे हैं।
एनडीए के विरोध में यहां कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन है। सीट बंटवारे की बात करें तो 40 सीटों के लिए 50-50 का फॉर्मूले की चर्चा है, जबकि शेष आठ सीटों पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। शरद पवार की अगुआई वाले एनसीपी का यहां अपना जनाधार है। अजीत पवार ने पिछले दिनों आठ सीटों पर अंतिम सहमति नहीं बन पाने की बात कही थी।
पिछले दिनों कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने सपा और बसपा को अपने साथ शामिल होने का निमंत्रण दिया था। इस रणनीति के तहत कांग्रेस महाराष्ट्र में बसपा को दो और सपा को एक सीट देने को तैयार है।
पश्चिम बंगाल : ममता बनर्जी बनाम मोदी
यहां कुल 42 लोकसभा सीटें हैं। लोकसभा चुनाव 2014 में तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को 34 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को चार सीटें, भाजपा को दो, सीपीएम को दो सीटें मिली थी। टीएमसी के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी महागठबंधन की ही तरह इस लोकसभा चुनाव में भाजपा की भी नजर पश्चिम बंगाल फतह करने की हैं।
जनवरी में ममता बनर्जी ने 15 से ज्यादा विपक्षी दलों को एकजुट कर अपनी ताकत का एहसास कराया था, जबकि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी बड़ी रैलियां कर चुके हैं। पिछले दिनों कोलकाता पुलिस बनाम सीबीआई विवाद और रैलियों में स्पष्ट दिखा था कि पश्चिम बंगाम में पीएम मोदी और सीएम ममता के बीच नाक की लड़ाई होगी।
नीतीश कुमार और पीएम मोदी
बिहार 40 लोकसभा सीटों वाला राज्य है। पिछले लोकसभा चुनाव में जदयू, भाजपा से अलग होकर कांग्रेस-राजद महागठबंधन संग चुनाव लड़ी थी। भाजपा, लोजपा और रालोसपा के एनडीए गठबंधन को 31 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि इधर राजद को चार, कांग्रेस व जदयू को दो और एनसीपी को एक सीट पर जीत हासिल हुई थी।
इस बार समीकरण अलग है। नीतीश कुमार की जदयू एक बार फिर एनडीए में शामिल है। बिहार में एनडीए में सीट बंटवारा तय हो चुका हैं। भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर और लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
एनडीए के विरोध में यहां कांग्रेस-राजद नेतृत्व वाली महागठबंधन में सीट बंटवारा अबतक तय नहीं हो पाया है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव जेल के अंदर से ही रणनीति तय कर रहे हैं। राजद में सीटों का बंटवारा वही तय करेंगे। कांग्रेस कम से कम 12 सीटों पर लड़ना चाह रही है, जबकि राजद 10 देना चाह रही थी। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
तमिलनाडु: भाजपा को बड़े दल एआईएडीएमके का साथ
तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने 37 सीटें जीती थी। पर जीत मिली थी। वहीं विपक्षी दल डीएमके को एक भी सीट नहीं मिली थी। इस बार तमिलनाडु में भाजपा को सत्तारूढ़ दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(एआईएडीएमके) का साथ मिल गया है।
तमिलनाडु की 39 और पुडुचेरी की एक सीट में से एआईएडीएमके 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इनमें से टीएमसी, एनआरसी और पीटी को भी सीटें देगी। इधर, भाजपा अपने हिस्से की 15 में से 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि चार सीटों पर पीएमके और तीन सीटों पर डीएमडीके लड़ेगी।
इधर, एनडीएके के विरोध में कांग्रेस ने डीएमके संग गठबंधन बनाया है। डीएमके ने तमिलनाडु की नौ और पुडुचेरी की एक लोकसभा सीट कांग्रेस को दी है। बाकी सीटों पर वह उम्मीदवार उतारेगी।