हाल ही में लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल टीवी9 भारतवर्ष के स्टिंग में राजनीति में काले धन के इस्तेमाल को लेकर कई खुलासे हुए हैं। चैनल के अंडरकवर रिपोर्टर्स खुद को एक कंसल्टेंसी कंपनी के कर्मचारी बताते हुए 18 सांसदों से मिले। जिन 18 सांसदों के ऊपर चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन किया, उनमें से 15 ने खुलेआम राजनीति में काले धन, शराब और दूसरी गैर कानूनी चीजों के इस्तेमाल की बात मानी। और ये सब किया जा रहा है चुनाव प्रचार के दौरान वोटरों को अपने हक में लुभाने के लिए।
इस चौंकाने वाले खुलासे में कई सांसद अपने सरकारी आवास पर ही सौदेबाजी के लिए तैयार हो गए। उन्होंने ये भी बताया कि किस तरह वो बड़ी नकदी को अपनी सरकारी कार या पुलिस की गाड़ियों के जरिए लाते-ले जाते हैं। पैसों के बदले वो संसद में सवाल पूछने और दूसरी मेहरबानियों के लिए तैयार दिखे।
पहले चरण के मतदान में अब बस चंद दिन बचे हैं। इससे पहले स्टिंग ऑपरेशन में ये भी दिखा कि कैसे उम्मीदवार, फर्जी उम्मीदवारों को खड़ा करते हैं, मतदाताओं को घूस खिलाते हैं और चुनाव आयोग की आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं।
लेकिन तीन सांसद ऐसे भी मिले जिन्होंने किसी भी तरह की आर्थिक मदद या पैसे लेने से इनकार कर दिया। एक ने तो ये भी कहा कि चुनाव जीतना उनके लिए इतना महत्वपूर्ण नहीं है।
टीवी9 भारतवर्ष स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी सारी जानकारी चुनाव आयोग को सौंपेगा ताकि उचित कदम उठाए जा सकें।