प्रियंका गांधी-राहुल गांधी-सलमान खुर्शीद
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में आने से लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है और पार्टी पर इसका अहम प्रभाव होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कुछ वर्गों द्वारा व्यक्त की जा रही यह अवधारणा कि प्रियंका गांधी अपने भाई एवं पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से अधिक प्रभावी हो जाएंगी को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के राजनीति में उतरने का फैसला दोनों नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया।
खुर्शीद ने साक्षात्कार में कहा कि प्रियंका गांधी के आने का तत्काल प्रभाव पहले से ही महसूस किया जा रहा है। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी पार्टी की नई महासचिव के बारे में कहा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह निश्चित ही बहुत ऊंचा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सामने मुकाबले के लिए अभी एक चुनाव है और आगे बहुत अधिक कड़ा परिश्रम करना होगा। लेकिन यह तो पक्का है कि इस समय उनके आने का अहम प्रभाव होगा।
प्रियंका के अपने भाई से अधिक प्रभावी हो जाने की धारणा पर खुर्शीद ने कहा कि वे साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं। वे पिछले कुछ समय से साथ काम करते आ रहे हैं। उन दोनों के बीच बहुत अच्छी समझ है। मैं समझता हूं कि उनके (प्रियंका के) आने का समय और फैसला जितना उनका (प्रियंका का) है उतना ही राहुल गांधी का है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राजग के खिलाफ विपक्षों दलों को साथ लाने के लिये अतीत में जितना किया है, वह उससे काफी आगे निकल चुकी है।
खुर्शीद ने कहा, मुझे लगता है कि हमने अतीत में जो किया उससे काफी आगे निकल गए हैं। (सीटों के बंटवारे के समझौते को लेकर) हम हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। कुछ मतभेद हैं जिन्हें सुलझाने में दिक्कतें आ रही हैं। देखते हैं क्या होता है। खुर्शीद से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस को अब भी उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा के गठबंधन में शामिल किये जाने की उम्मीद है, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस सोच पर आगे बढ़ रही है कि उसे अकेले चुनाव लड़ना है।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि कुछ ऐसी चर्चा है कि सपा-बसपा और कांग्रेस गठबंधन को लेकर दोबारा विचार कर सकती हैं और कुछ संभावना भी बन सकती है। लेकिन सच कहूं तो मैं इस बारे में साफतौर पर कुछ नहीं कह सकता। हमारी पार्टी के अध्यक्ष (राहुल गांधी) नरम रवैया अख्तियार किए हुए हैं तथा कई बार कह चुके हैं कि हम सहयोग करने के इच्छुक हैं और हमारा मसकद एक है (भाजपा को हराना)। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ कहना मुश्किल है।