नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव में नेता एक दूसरे को जी-भरकर कोसते हैं। तरह-तरह के आरोप लगाते हैं। अपनी कही बात का भरोसा दिलाने के लिए उन्हें जनता के सामने थोडी बहुत ऐक्टिंग भी करनी पड़ती है। नेताओं का अपने विरोधियों पर तंज कसने का तरीका भी अलग-अलग होता है। राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में व्यंग्य करने का एक नया तरीका खोज निकाला। वह था 'नकल' उतारने का।
उन्होंने जब मंच से 'मोदी-जिपनिंग' के झूला झूलने की नकल उतारी तो कार्यकर्ताओं का जोश उछाल मारने लगा। राहुल ने एक नहीं, पीएम मोदी को लेकर कई नकल उतारी। आपको ध्यान होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी-जिनपिंग को लेकर गुजरात गए थे। वहां पर नदी किनारे एक झूले में बैठकर दोनों नेताओं ने आपस में बातचीत की। चूंकि उस वक्त भारत-चीन के बीच डोकलाम विवाद चल रहा था, इसलिए राहुल गांधी ने मंच से मोदी-जिनपिंग के झूला झूलने की नकल उतार दी।
उन्होंने एक हाथ से झुलाने की एक्टिंग की। उनकी इस एक्टिंग पर स्टेडियम में बैठे कार्यकर्ता झूमने लगे। वे यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने संसद के भीतर का एक किस्सा भी पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने रख दिया। राहुल बोले, मोदी जी ने डेढ़ घंटा भाषण दिया। कांग्रेस पार्टी ने राफेल सौदे को लेकर उनसे चार सवाल पूछ लिए, कोई जवाब नहीं दिया। राहुल ने यहां अपने माथे पर हाथ रखकर मोदी की नकल उतारी। उन्होंने बारी-बारी से जब अपने हाथ माथे पर रखकर इधर-उधर देखा तो कार्यकर्ता एक बार फिर जोश में आ गए।
मंच पर बैठे नेता भी अपनी कुर्सी से थोड़ा आगे होकर राहुल गांधी की एक्टिंग देखने लगे। इसके बाद उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर 56 इंच का जिक्र शुरु कर दिया। अपने दोनों हाथों को अंदर की तरफ सिकोड़ कर राहुल ने मोदी की नकल उतारी। उन्होंने ऐसा कर कार्यकर्ताओं को बताया कि जब चीन हमारी सीमा में घुस आया तो मोदी जी का वह सीना कहां गया था। इतना ही नहीं, राहुल ने अपने हाथ जोड़कर दिखाया कि मोदी ने चीन के सामने कथित तौर पर ऐसे ही हाथ जोड़े थे। अपने भाषण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कई बातों पर मोदी की नकल उतारी।