दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कांग्रेस के कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने इस दौरान पुलवामा हमले का मामला भी उठाया। कांग्रेस के बूथ कार्यक्रम में क्या क्या कहा राहुल ने पढ़ें-
-पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूं, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिए चौकीदार क्या है तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है। कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।
-हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घंटे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।
-कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।
-पुलवामा हमला जैश ए मोहम्मद ने किया। इनकी पिछली सरकार ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा। कांग्रेस ने दो प्रधानमंत्री खोए हैं। हम किसी के सामने नहीं झुकते हैं।
-आप को तय करना है कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते हैं? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है।
-2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है। हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे।
-कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा।
-अजीत डोभाल मसूद अजहर को कंधार छोड़कर आए थे। भाजपा ने मसूद को जेल से छुड़ाया था। पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड है मसूद अजहर।
-गब्बर सिंह टैक्स ने सबकुछ बर्बाद कर दिया है। भाजपा नेताओं की जूते-शर्ट-मोबाइल में मेड इन चाइना लिखा हुआ है।
- मैंने मोदी को पहचान लिया है। जैसे ही मोदी के सामने कोई खड़ा होता है तो मुड़कर चले जाते हैं। मोदी और आरएसएस की विचारधारा डर और नफरत की विचारधारा है।
- डोकलाम के दौरान पीए मोदी चीन गए और बिना किसी एजेंडा के बैठक की। मोदी ने चीन जाकर मत्था टेका, कहा- डोकलाम आप रखिए। भारत में किसी को पता नहीं चलेगा, मीडिया को हम देख लेंगे। मामला खत्म। यही मोदी जी की सच्चाई है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। रविवार को चुनाव आयोग ने 7 चरणों में चुनाव कराने का एलान किया। इसी के साथ सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है। तमाम दल और नेता एक दूसरे पर हमलावर हैं। हालांकि, राहुल गांधी इससे पहले भी कई मौकों पर पीएम मोदी को निशाना बना चुके हैं।