महासचिव का कार्यभार संभालते ही प्रियंका गांधी वाड्रा काफी सक्रिय हो गई हैं। कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का दौर भी लगातार जारी है। इस बीच प्रियंका ने अपनी सोशल मीडिया रणनीति को आगे बढ़ाते हुए कुछ व्हॉट्सएप ग्रुप भी बनाये हैं। इन्हें 'चौपाल' का नाम दिया गया है।
सबसे पहले चौपाल ग्रुप अमेठी और रायबरेली के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ने के लिए बनाया गया था। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रियंका बेहद तेजी से ऐसे ग्रुप्स में कई और कार्यकर्ताओं को जोड़़ने का काम कर रही हैं। इन ग्रुप का मकसद लोगों की रायशुमारी को चुनावी कामकाज और रणनीति का हिस्सा बनाने का है।
हर बूथ से 10-10 कार्यकर्ताओं को जोड़ने को कहा जा रहा है। एक फॉर्म भी इस दौरान सामने आया है जिसमें कार्यकर्ताओं से उनका मोबाइल नंबर, ईमेल, व्हॉट्सएप नंबर और ट्विटर हैंडल की जानकारी मांगी गई है।
2019 के चुनाव ऐसे सबसे बड़े चुनाव साबित होने जा रहे हैं जहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होगा। 2014 के चुनाव में भाजपा ने सोशल मीडिया की ताकत का अच्छा इस्तेमाल किया था। कांग्रेस पुरानी गलतियों से सबक लेकर इस बार सोशल मीडिया को हथियार बनाकर चुनावी रणभूमि में उतर रही है। यही वजह है कि बाकायदा कार्यकर्ताओं से उनकी सोशल मीडिया जागरुकता के बारे में पूछा जा रहा है।