राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी आम चुनाव का रण देखना दिलचस्प होगा। यहां जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण, दोनों लोकसभा सीटों पर पुरुष से ज्यादा महिला उम्मीदवार हैं। भाजपा और कांग्रेस में अभी सीटें तय नहीं हुई है, लेकिन दावा ठोकनेवालों में पुरुष से ज्यादा महिला दावेदार हैं। इनमें राज परिवारों से जुड़ी महिलाएं भी शामिल हैं।
चौमूं विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी जता रही चौमूं राजघराने से जुड़ी रुक्समणी इस बार जयपुर शहर से लोकसभा चुनाव के लिए दावेदारी जता रही हैं। भाजपा से जयपुर शहर में जयपुर राजघराने की दीया कुमारी को उम्मीदवार बनाया जाता है तो कांग्रेस में रुक्समणी देवी की दावेदारी को मजबूती मिलेगी।
2009 में हुए नगर निगम चुनाव में ज्योति खंडेलवाल सीधे चुनाव में भाजपा की सुमन शर्मा को हराकर जयपुर की मेयर चुनी गई थी। हालांकि, उससे छह माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में जयपुर शहर से कांग्रेस के महेश जोशी सांसद चुने जा चुके थे। पूर्व मेयर रही ज्योति विधानसभा चुनाव में हवामहल से टिकट मांग रही थी। टिकट नहीं मिलपे पर बगावत पर उतर आई थीं।
राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की पत्नी दिव्या सिंह जयपुर ग्रामीण से दावेदार मानी जा रही हैं। वह 11वीं लोकसभा में भरतपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं। पंचायती राज मंत्री लालचंद कटारिया यदि इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ें तो पार्टी दिव्या को मौका दे सकती है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा जयपुर शहर में महापौर का चुनाव लड़ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव में वे सांगानेर से टिकट की दावेदारी कर रही थी, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह मेयर अशोक लाहोटी पर दाव खेला।