छठवें चरण के मतदान के साथ-साथ सातवें चरण का चुनाव प्रचार चरण पर है। 15 मई को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाराणसी आ रही हैं। वाराणसी से लेकर गोरखपुर तक सभी दल बाजी मारने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। अखिलेश-मायावती की संयुक्त रैली और प्रधानमंत्री तथा भाजपा अध्यक्ष के दौरे के कार्यक्रम ने सरगर्मी बढ़ा दी है। प्रचार हर तरीके अपनाने में भाजपा का कोई जवाब नहीं है। कार्यकर्ता अब दरवाजे-दरवाजे की कुंडी बजा रहे हैं।
इलाहाबाद से ज्ञानेश्वर शुक्ला आए हैं। बनारस में टिक गए हैं लोगों को प्रधानमंत्री मोदी सरकार खूबियां बता रहे हैं। भोपाल से भाजपा और आधा दर्जन संघ के नेताओं की टीम आई है। एक तरह से बनारस भाजपा के प्रचार अभियान का बड़ा मॉडल है। यहां से प्रधानमंत्री खुद उम्मीदवार है। भाजपा प्रधानमंत्री को चार-पांच लाख वोट के अंतर से जिताना चाहती है। इसलिए दस हजार से अधिक दूसरे स्थानों से आए लोग प्रचार-प्रसार में लगे हैं।
गठबंधन भी प्रधानमंत्री को चुनौती देने के लिए बड़ा दांव खेल रहा है। प्रियंका गांधी की टीम ने 15 मई को रोड-शो का मन बनाया है। यह लंका मैदान स्थिति पंडित मदनमोहन मालवीय की प्रतिमा के पास शुरू होगा। प्रियंका बाबा विश्वनाथ और काशी के कोतवाल काल भैरव का दर्शन भी करेंगी।