सवाल- आपके आने से पहले देश में भ्रष्टाचार था, आप इनके खिलाफ कितना कड़ा निर्णय लेंगे?
मोदी - आपका गुस्सा स्वभाविक है। 2014 में भी मैंने कहा था कि जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें पाई पाई लौटानी पड़ेगी। 2014 से सारी चीजें जमा करना, सबको समेटना, अफसर भी वही थे, वो धीरे धीरे रिटायर हो रहे हैं, नए अफसर आ रहे हैं। 2014 से अब तक मैं इन लोगों को जेल के दरवाजे तक तो ले गया। कोई जमानत पर है, कोई डेट ले रहा है। नए अफसर आने के बाद अब कागज भी हाथ लगने लगे हैं। पैसे लौटाने पड़ रहे हैं। 9 हजार करोड़ का घपला किया, 14 हजार करोड़ जब्त किए। दुनिया के किसी भी कोने में प्रापर्टी होगी, जब्त होकर रहेगी। भारत के कानून की शरण में आना होगा।
हमारे दो काम हैं, ईमानदारों को प्रोत्साहित करना। हमारे यहां ये परंपरा ही नहीं रहा। इनका गौरव करना चाहिए। इनको परेशान करेंगे तो कैसे चलेगा। मेरे लिए टैक्स पेयर देश के गरीबों की सेवा के लिए अपनी भूमिका ईमानदारी से अदा करेगा। दूसरा, जो गलत करता है वो किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए। जब पता चलता है कि ऊपर सही है, तो नीचे भी सही होना शुरू हो जाता है।
सवाल- हम कब विकसित देशों में गिने जाएंगे?
मोदी - ये बात सही है कि बहुत देर हो चुकी है। सवा सौ करोड़ का संकल्प होना चाहिए कि अब हमें पिछड़े नहीं रहना चाहिए। आपने देखा होगा कि पिछले 5 सालों में विश्व मंच पर हमारी आवाज सुनी जा रही है। 2014 से पहले उस वक्त के वित्त मंत्री ने कहा था कि हमें गर्व है कि हम दुनिया की टॉप 11 अर्थव्यवस्था में हैं, लेकिन मैंने हो-हल्ला नहीं मचाया कि हमारी सरकार में हम टॉप 6 इकोनॉमी में आ गए। हमने हिंदुस्तान-पाकिस्तान में वक्त गंवा दिया। उसे छोड़ दीजिए, वो अपनी मौत मरेगा। हमें विकसित देशों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।