एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ओवैसी ने लोगों के बीच 2014 की तरह मोदी लहर न होने का दावा करते हुए कहा कि इस बार केंद्र में तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी। ओवैसी ने कहा कि 2019 में केंद्र में एक गैर कांग्रेसी-गैर भाजपाई सरकार का गठन होगा और किसी क्षेत्रीय दल का नेता ही प्रधानमंत्री बनेगा।
हैदराबाद से तीन बार सांसद रह चुके ओवैसी ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी 543 सीटों के लिए कांटे की टक्कर होगी। उन्होंने अपनी पार्टी एआईएमआईएम का जिक्र करते हुए कहा कि एआईएमआईएम भी टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में गठित तीसरे मोर्चे का अहम हिस्सा है, जिसका गठन 'गैर कांग्रेसी-गैर भाजपाई' अवधारणा के साथ किया गया है। गौरतलब है कि ओवैसी इस बार भी हैदराबाद सीट से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
तीसरे मोर्चे की तारीफ करते हुए ओवैसी ने कहा कि इससे राजनीतिक विविधता सामने आएगी और देश के कई क्षेत्रीय नेताओं को राजनीति में अवसर मिलेगा। ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अपनी असफलता को छिपाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को अपना चुनावी मुद्दा बना कर बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रही है, लेकिन जनता इस बार जुमलों में फंस कर उन्हें वोट नहीं देगी।
हालांकि गैर कांग्रेसी-गैर भाजपाई मोर्चे के चुनावी समीकरण, साझेदारी और उसके प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में ओवैसी ने केवल इतना ही बताया कि इसमें क्षेत्रीय दलों की अहम भूमिका होगी।
वर्तमान राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व की कमी पर चिंता जाहिर करते हुए ओवैसी ने कहा कि 280 सीटों पर जीत हासिल करने के बावजूद भाजपा के पास एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। भाजपा केवल बहुसंख्यकों की सरकार है। ओवैसी ने कहा कि मोदी के खिलाफ बोलने का मतलब यह नहीं कि मैं बहुसंख्यकों का विरोध कर रहा हूं। मैं केवल भाजपा और आरएसएस के खिलाफ हूं और रहूंगा।
गौरतलब है कि हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम मजबूत पकड़ रखती है और पिछले आठ चुनावों से पार्टी इस सीट पर जीत हासिल कर रही है। अभी हैदराबाद की सात विधानसभा सीटों में से छ: एआईएमआईएम और मात्र एक सीट भाजपा के पास है।
(इनपुट-पीटीआई)