लोकसभा चुनाव 2019 की लड़ाई अब महासंग्राम में बदलती दिख रही है। हर तरफ नेताओं के वादे, दलों की दोस्ती, विरोधियों के वार और एक दूसरे को चित करने की रणनीतियां नजर आ रही हैं। ऐसे में जनता क्या चाहती है? जनता के मुद्दे क्या हैं, उसके दिल में क्या है? राजनेताओं के वादों और दावों के पीछे का सच क्या है? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब के लिए अमर उजाला डॉट कॉम का चुनावी रथ पहुंच रहा है लोगों के बीच। बाराबंकी में हमने जानने की कोशिश की कि क्या हैं यहां के चुनावी मुद्दे और अपेक्षाएं।
हमारे साथ बहस में शामिल हैं- भाजपा से जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, सपा से जिला उपाध्यक्ष प्रद्युम्न यादव और कांग्रेस से प्रदेश महासचिव दीपक सिंह। फिलहाल बाराबंकी सीट पर भाजपा की प्रियंका रावत का कब्जा है। इससे पहले इस सीट पर कांग्रेस के पीएल पुनिया काबिज थे जो SC-ST आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं।
शहर के युवाओं ने कहा कि बाराबंकी में विकास नहीं हुआ। पुलिस उनकी बात नहीं सुनती।
कांग्रेस प्रतिनिधि ने भाजपा से सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार जवाब दे कि बाराबंकी में कितना विकास हुआ। यहां सूत मिल थी जो बंद हो चुकी है। कई चीनी मिल थीं जो खस्ताहाल हैं। सूत मिल में काम करने वाले सैकड़ों लोग बेरोजगार हो चुके हैं।
इस पर भाजपा के जनप्रतिनिधि ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में वो मिल बंद नहीं हुई। बल्कि बंद पड़ी मिलों को चलाने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। अमर उजाला के चुनावी रथ का अगला पड़ाव गोंडा होगा।