इन दिनों एक पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। क्राइम प्रिवेंशन काउंसिल ऑफ इंडिया के पत्र को सरकार बताकर वायरल किया जा रहा है। इसमें लिखा है, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप पर कोई चुनाव प्रचार से जुड़ी पोस्ट, फोटो और बैनर आदि एक दूसरे का न भेजें।
एनजीओ ने जारी किया है पत्र
यह पत्र सीपीसीआई के लेटरहेड पर है। इसकी वेबसाइट cpcindiaonline.com। यूआलएल से स्पष्ट है कि यह सरकार वेबसाइट नहीं है। साथ ही, चुनाव के समय ऐसा आदेश निर्वाचन आयोग ही जारी करता है। जबकि सीपीसीआई स्वयंसेवी संगठन है।
नतीजा: पड़ताल में यह खबर झूठी निकली है।