G Parmeshwara, Dy CM of Karnataka
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कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि अनुसूचित जाति का होने के कारण उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता रहा है। अनुसूचित जाति से होने की वजह से ही उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। बड़ी मुश्किल से वह उप मुख्यमंत्री बन पाए।
कर्नाटक के दावणगेरे में एक स्थानीय कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें तीन बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से नकार दिया गया। कहा कि पीके बसवलिंगप्पा ओर केएच रंगनाथ भी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे भी कभी सीएम नहीं बन पाए। जी परमेश्वर ने कहा कि बड़ी मुश्किल से वह डिप्टी सीएम बन पाए।
डिप्टी सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा कर्नाटक में सियासी संकट का माहौल बनने की बात कह रही है। कर्नाटक में फिलहाल कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार है। मुख्यमंत्री का पद जेडीएस के खाते में है, जबकि उप मुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के। वरिष्ठ जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी सीएम हैं।
मंत्रिमंडल बंटवारे पर भी रहा है विवाद
कर्नाटक में सरकार का गठन होने के बाद से ही डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने मंत्रीमंडल के बंटवारे को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। सीएम एचडी कुमारस्वामी ने उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर से गृह विभाग का प्रभार भी वापस लेकर इसे एमबी पाटिल को सौंप दिया था।
बंगलूरू संबंधित कार्यों के प्रभार को जी परमेश्वर के पास बरकरार रखते हुए उन्हें कानून एवं संसदीय मामलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया जो इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग देख रहे कृष्ण बायरे गौड़ा के पास था।